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हत्यारे साले को घर में जगह देने के जुर्म में सीआईए-टू ने टेलर जीजा को घर से उठाया, 3 दिन-रात लिया रिमांड, सिगरेट से दागा शरीर, र

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हत्यारे साले को घर में जगह देने के जुर्म में सीआईए-टू ने 3 दिन तक पीटा, सिगरेट से भी दागा, मौत
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पानीपत। विकास नगर में एक टेलर जीजा को उसके हत्यारे साले को घर में जगह के जुर्म में सीआईए-टू ने उसके घर से गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के वक्त घर पर मौजूद परिजनों ने जब रोकना चाहा, तो पुलिस वालों ने उनके साथ भी बदतमीजी की व धक्का-मुक्की करते हुए एक घंटे भीतर पूछताछ करने के बाद वापस घर ही छोड़ जाने की बात कह कर ले गए। पुलिसकर्मी टेलर जीजा को बिना कमीज व बिना चप्पल पहने ही घर से ले गए। करीब 2 घंटे तक उनके घर वापस न आने पर परिजन सीआईए-टू गए। जहां उन्होंने परिजनों के साथ खूब अभद्रता से बात की व परिजनों को उसका कोई भेद नहीं दिया। पुलिस ने 9 से 12 दिसंबर तक उसका दिन-रात रिमांड लिया व उसके शरीर को सिगरेट से दागा। 12 की शाम की पुलिस ने परिजनों को उसके स्वास्थ्य खराब होने की सूचना दी व परिजनों को हैदराबादी अस्पताल व वहां से प्रेम अस्पताल में आने की बात कही। पुलिस ने दोनों ही जगह पर परिजनों को उससे नहीं मिलने दिया। इसके बाद 14 दिसंबर को पुलिस ने रोहतक पीजीआई में उसकी दिमागी दौरे से मौत की सूचना परिजनों को दी। लेकिन रोहतक पीजीआई के आईसीयू वार्ड से वायरल वीडियो में टेलर के शरीर पर जगह-जगह सिगरेट के दाग देखकर परिजनों ने सीआईए-टू पर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया व उसका पोस्मार्टम करवाने से मना कर दिया। शनिवार को साढ़े 6 घंटे की खींच-तानी के बीच एसपी ने परिजनों की मांग पर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन शाम साढ़े 3 बजे रोहतक पीजीआई मृतक का पोस्टमार्टम करवाने के लिए रवाना हुए।
मृतक की पत्नी ने रोते-बिलखते हुए बताई पूरी दास्तां:
मृतक राजेश की पत्नी गीता ने रोते-बिलखते हुए इस दर्दनाक दास्तां को बताया। उसने बताया कि उसका पति जीटी रोड स्थित खादी आश्रम के पास डीके फैक्टरी में टेलर का काम करता है। 9 दिसंबर की सुबह उसका पति हमेशा की तरह काम पर गया। शाम साढ़े 6 बजे जब वो घर वापस आया, तो वो आते ही सिर में दर्द होने के कारण सोने की बात कहने लगा। वो हाथ-मुुंह धोकर कमीज उतार कर सो गया। करीब साढ़े 7 बजे घर के बाहर पुलिस की गाड़ी आकर रूकी। जिसमें सीआईए-टू प्रभारी योगेश कटारिया सहित रविंद्र कुंडू, प्रवीन, धर्मबीर सहित 4 अन्य पुलिसकर्मी थे। उनमें से प्रभारी व 5 अन्य घर में कमरे के भीतर घुसे व राजेश को उठाकर ले जाने लगे। जिसके बाद घर में मौके पर मौजूद भाई मदन, भाभी शकुंतला, किताबों सहित पिता रामरत्न, सहित अन्य सदस्य रॉकी, राजबीर ने उनको रोकने की कोशिश की। जिसके बाद उन्होंने परिवार के लोगों के साथ अभद्रता करनी शुरू कर दी व उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे। पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे एक घंटे की पूछताछ के बाद उसे वापस यहीं छोड़ जाएंगे। परिजनों के मना करने पर भी पुलिसकर्मी उसे बिना कमीज व बिना चप्पल पहने ही जबरदस्ती गाड़ी में बैठा कर ले गए।
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सीआईए में बोले पुलिसकर्मी: यहां मोदी की भी नहीं चलती, यहां सिस्टम हमारा है:
करीब दो घंटे तक भी उनके वापस न आने पर परिजन राजेश का पता करने पर अनाज मंडी स्थित सीआईए- टू गए। जहां पहुंच कर परिजनों ने राजेश के बारे में पूछा। साथ ही कहा कि उसने कपड़े भी नहीं पहने हुए व वो भूखा भी है। जिसके जवाब में पुलिसकर्मी बोले कि उसकी सेवा हम कर देंगे। अब वो हमारे हवाले है। परिजनों ने उससे मुलाकात करने की बात कहीं तो पुलिसकर्मियों ने गाली-गलोच करते हुए कहा कि यहां मोदी की भी नहीं चलती है। यहां सारा सिस्टम हमारा है। हम जिससे मिलवाना चाहेंगे, उसे मिलवाएंगे। बाकी कोई किसी की भी अप्रोच ले कर यहां आए, हम चलेंगे अपने हिसाब से ही।
एसपी अंकल हमें हमारे पापा चाहिए, वो लाके दे दो
परिवार को सांत्वना देने पहुंचे एसपी सुमित कुमार के परिवार के लोग फूट-फूट कर रोने लगे। मृतक का 11 वर्षीय बेटा मोनी उर्फ नवीन व 5 साल का बेटा मीतू ने रोते हुए कहा कि एसपी अंकल हमें हमारे पापा चाहिए, वो ला के दे दो। हमें नहीं पता की 302 क्या है, पर हमें ये पता है कि हमारे पापा को आपने मारा है। हमें हमारे पापा दे दो। साथ ही मृतक की पत्नी गीता ने रोते-बिलखते हुए कहा कि पुलिस उसके पति के हाथ-पैर तोड़ कर ही उन्हें सौंप देती। वो मजदूरी कर अपने पति व बच्चों को पाल लेती। कानून हाथ में लेेकर जान से मारने का हक क्या सिर्फ शहर के सबसे बड़े गुंडे पुलिस को ही है। जिसके बाद एसपी ने परिजनों की मांग पर शनिवार को ही आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा 302 सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया।
डीएसपी ने कहा कानून के दायरे में होगी कार्रवाई, परिजन बोले, तो क्या सिर्फ कानून हाथ में लेने का हक सिर्फ पुलिस को ही है:
परिजनों सहित स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर में सबसे ज्यादा दहशत सीआईए वालों की है। सीआईए वाले बिना वेरीफाई किए किसी को भी उठा लेती है व उस पर थर्ड डिग्री इस्तेमाल कर देती है। मौके पर मौजूद लोगों ने सीआईए-टू के आरोपी स्टाफ को फांसी देने की मांग की। जिसके बाद डीएसपी सतीश वत्स ने कहा कि वें सभी कार्रवाई कानून के दायरे में रह कर ही करेंगे। इसके बाहर वे कुछ नहीं कर सकते है। जिसके जबाब में नारेबाजी करते हुए लोगों ने कहा कि किसी को घर से उसके परिजनों के साथ मारपीट कर उठाना, उसका 6 दिन तक परिजनों को कोई भेद न देना व कोर्ट में बिना पेश किए उसका इस कद्र रिमांड लेना कि उसकी मौत ही जाए, ये किस कानून में लिखा है। लोगों ने कहा कि क्या कानून को हाथ में लेने का हक भी सिर्फ कानून को ही है।
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हत्यारोपी साले को दी थी घर में रहने को जगह:
राजेश के साले सोनू ने 6 दिसंबर को महराणा निवासी उसके मालिक ठेकेदार संतोष का विकास नगर से अपहरण कर लिया। जिसके साथ लूट की वारदात कर उसका गला घोंट कर हत्या की व उसे गांव दीवाना के ईख के खेतों में फैंक दिया। 8 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के दौरान 9 को राजेश को उठाया व 10 को ठेकेदार का शव बरामद किया। सोनू ने बताया था कि वो इस वारदात को अंजाम देकर विकास नगर स्थित अपने राजेश के घर ठहरा था। जिस जुर्म में पुलिस ने धारा 216 के तहत राजेश को उठाया था।
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