जज साहब मैं पागल नहीं हूं, मेरी मां और भाई ने संपत्ति हड़पने के लिए बनाया बंधक
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जज साहब! मैं पागल नहीं हूं, मेरी मां व भाई ने मेरे हिस्से की संपत्ति हड़पने के लिए मुझे पागल करने का प्रयास किया है। कुछ साल पहले उन्होंने जबरन तहसील ले जाकर कागजात पर मेरे साइन भी करवा लिए। अब मुझे बंधक बनाकर रखा जा रहा है।
ये बातें सेक्टर-11 में बंधक बनाई गई पूनम उर्फ पिंकी ने शुक्रवार देर शाम चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मोहित अग्रवाल के सामने कहीं। सीजेएम ने इस मामले में पुलिस को गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए युवती को नारी निकेतन भिजवाने की बात कही। वहीं दूसरी और पूनम की मां व भाई ने बताया कि वह पिछले आठ सालों से मानसिक रूप से बीमार है। अनेक अस्पतालों में उसका इलाज करवाया है। वे लोग अपना घर शिफ्ट कर रहे थे। इसलिए उसे सेक्टर-11 स्थित मकान में बांधकर रखा था ताकि शुक्रवार सुबह पीजीआई रोहतक ले जाया सके। लेकिन उससे पहले ही पुलिस वहां पहुंच गई। इस मामले में सेकटर-11/12 चौकी पुलिस ने युवती के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हुडा सेक्टर-11 निवासी जगदीश ने शुक्रवार सुबह नारी तू नारायणी संस्थान की अध्यक्ष सविता आर्य को फोन पर सूचना दी कि सेक्टर-11 स्थित एक मकान में एक युवती को बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही सविता आर्य मौके पर पहुंची और पुलिस को सूचित किया। लेकिन मकान पर ताला लगा हुआ था। महिला ताला खोलने पर तैयार नहीं थी। सख्ती दिखाने पर ताला खोला तो अंदर एक युवती थी। जिसके हाथ-पांव व पेट को रस्सी व तारों से बांधा हुआ था। मकान के अंदर चारों तरफ गंदगी थी और बदबू आ रही थी। पुलिस ने युवती को मुक्त कराया। वह बेहद सहमी हुई थी और अपनी मां व भाई के पास जाने से इनकार कर रही थी। पुलिस युवती व उसके परिजनों को लेकर सिविल अस्पताल पहुंची। जहां युवती का मेडिकल कराया गया।
बाद में युवती को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मोहित अग्रवाल के कार्यालय में ले जाया गया। जहां उसने आपबीती बताई। पूनम ने मांग की है कि उसकी संपत्ति उसे वापस दिलाई जाए।
20 साल पहले हो गई थी पिता की मौत
बताया जा रहा है कि पूनम मूलरूप से गांव रिसालू की रहने वाली है। करीब 20 साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। वह चार बहने व एक भाई है। पूनम सबसे बड़ी है। उसने एमसीए तक पढ़ाई की है। पूनम ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने गुड़गांव स्थित एक कॉल सेंटर पर नौकरी की। पानीपत में एक कूरियर कंपनी में भी काम किया। वहीं एक क्रैच स्कूल में बतौर अध्यापिका बच्चों को भी पढ़ाया।
आठ साल से चल रहा है इलाज
पूनम के भाई दीपक मलिक ने बताया कि पूनम मानसिक रूप से बीमार है और उसका पिछले आठ साल से इलाज चल रहा है। बीमारी के प्राथमिक दौर में वह अचानक बिना किसी को बताए घर से चली जाती थी। वे लोग उसकी तलाश करते रहते थे। कई-कई दिनों बाद मिलती थी। जिसके बाद उसका इलाज शुरू कराया। बहन को ठीक कराने के लिए मोटी रकम इलाज पर खर्च कर चुके हैं। गत रोज वे लोग अपना घर शिफ्ट कर रहे थे। इसी दौरान पूनम कहीं चली न जाए इसलिए सेक्टर-11 स्थित मकान में बांधकर रखा था। शुक्रवार को उसे रोहतक पीजीआई में इलाज के लिए ले जाना था, लेकिन उससे पहले ही किसी ने शिकायत दे दी।
सेक्टर-11 स्थित एक मकान में युवती को बंधक बनाकर रखने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मकान खुलवाया और युवती को मुक्त कराया। युवती का मेडिकल कराया है। युवती को बंधक बनाकर रखने के मामले में उसकी मां व भाई के खिलाफ धारा 342 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
संदीप कुमार, प्रभारी, चांदनी बाग, पानीपत।