पानीपत। पहली पत्नी की शादी से पैदा हुई लड़की को दूसरी पत्नी ने साथ रखने से मना किया। यहां तक कि पिता को भी बेटी के पास जाने से रोक दिया। पिता के विरोध करने पर दूसरी पत्नी पति व 3 बच्चों को छोड़कर मायके चली गई। जिसके बाद किशोरी के पिता ने उसकी बहनों को कह कर किशोरी का रिश्ता तलाश करने की बात कही। जिस पर किशोरी की शादी रोहतक निवासी युवक के साथ करवाई जा रही थी। सूचना के आधार पर बाल विवाह निषेध अधिकारी टीम सहित किशोरी के घर पहुंची व मंगलवार को होने वाले बाल विवाह पर रोक लगा दी।
बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि जांच में सामने आया कि समालखा के एक गांव निवासी साढ़े 16 साल की किशोरी की मंगलवार को शादी होनी थी। सूचना के आधार पर टीम के साथ वे उक्त पते पर पहुंचे। वहां पता लगा कि किशोरी ने हाल ही में हरियाणा बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी थी। किशोरी की दो बुआ ने मिलकर किशोरी को बोझ समझते हुए उसकी शादी करवाने के बारे में ठान ली थी। रोहतक निवासी बुआ ने उसके पति की बुआ के 23 साल के पोते के साथ किशोरी का रिश्ता तय किया था। किशोरी के स्कूल सर्टिफिकेट में उसकी उम्र साढ़े 16 साल निकली। इसी के आधार पर उसकी शादी रोकी गई व कब्जे में लेकर उसे शेलटर होम भिजवा दिया गया। वहीं किशोरी के परिजनों ने किशोरी का जन्म प्रमाण पत्र पेश किया। लेकिन उसमें किशोरी का नाम, उम्र सब बदला हुआ था। इसलिए हाईकोर्ट के निर्देश अनुसार उसके स्कूल सर्टिफिकेट को मान्य मानकर शादी को रुकवा दिया गया। दोनों के परिजनों को बुधवार को महिला थाना स्थित बाल विवाह निषेध कार्यालय में बुलाया गया।
दूसरी पत्नी के कहने पर करवा रहा था पिता किशोरी का विवाह : बाल विवाह निषेध अधिकारी की जांच में सामने आया कि किशोरी के जन्म के करीब 3 साल बाद उसकी माता-पिता का पंचायती तौर पर तलाक हो गया था। इसके बाद किशोरी के पिता ने आजमगढ़ यूपी निवासी महिला से दूसरी शादी रचाई। शादी के बाद से दंपती को 2 लड़के व एक लड़की पैदा हुई। लेकिन किशोरी की दूसरी मां ने उसके पिता को कहा कि अगर वो उसके साथ रहना चाहता है तो वो किशोरी की शादी कर दें या उसे कहीं और छोड़ दें। उसकी बात न मानने पर दूसरी पत्नी उसे छोड़कर अपने मायके चली गई। पत्नी को वापस लाने के लिए उसने किशोरी की शादी करवानी चाही। जिसके लिए उसने अपनी बहनों को रिश्ता तलाशने व शादी करवाने के बारे में बोला।