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पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजक्ट ढाई साल में महज 42 प्रतिशत हो पाया पूरा, ढाई साल में सड़क हादसों में 329 लोगों की गई जान

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पानीपत। पीएम नरेंद्र मोदी का 2017 का ड्रीम प्रोजेक्ट मुकरबा चौक से पानीपत तक नेशनल हाईवे-44 को 12 लेन करना आज तक पूरा नहीं हो पाया है। कंपनी को ये प्रोजेक्ट 31 अप्रैल तक पूरा करना था। अब तक ये मात्र 42 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। पिछले 9 माह से कंपनी ने कार्य रोका हुआ था। अब 15 दिन पहले कंपनी ने महज दिखावे के लिए कछुए की चाल से कार्य शुरू किया है। ये कार्य मुरथल के पास काफी छोटे स्तर पर किया जा रहा है। अधर में पड़ा ये ड्रीम प्रोजेक्ट आए दिन हादसों का कारण बन रहा है। डेढ़ साल में नेशनल हाईवे पर पानीपत व सोनीपत की सीमाओं में हुए 405 सड़क हादसों में 329 लोगों की जान जा चुकी है। निर्माण कार्य अधर में लटकाने पर एनएचएआई कई बार कंपनी को नोटिस जारी कर चुका है। हालांकि अब कंपनी के अधिकारी जल्द प्रोजेक्ट को पूरा करने का आश्वासन दे रहे हैं।
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सरकार ने दिल्ली से पानीपत 70 किलोमीटर तक नेशनल हाईवे 44 को 12 लेन करने का ठेका ढाई साल पहले 2017 में एशल इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी को दिया था। कंपनी को 2128.72 करोड़ का ये प्रोजक्ट 31 अप्रैल तक पूरा करना था। कंपनी ने 2018 की शुरुआत तक कार्य को सही गति से किया। इसके बाद कंपनी ने काफी जगहों पर कार्य को रोक दिया। सितंबर 2018 में कंपनी ने सभी साइट पर कार्य को रोक दिया। इस कारण कंपनी की आर्थिक परेशानी को बताया गया। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने इस पर कंपनी को कई बार नोटिस भी जारी किया। सरकार व कंपनी की ओर से दबाव पड़ने के बाद अब 15 दिन पहले कंपनी की दो साइट पर छोटे स्तर पर कार्य शुरू किया है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि नेशनल हाईवे का 12 लेन का कार्य 2021 तक पूरा हो पाएगा।
आए दिन हो रहे हादसे
प्रोजेक्ट का अधिक कार्य सोनीपत व पानीपत की सीमा में हो रहा है। ये प्रोजेक्ट कुंडली, राई, मुरथल, गन्नौर, समालखा व पानीपत पुलिस स्टेशन की निगरानी में किया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर 405 सड़क हादसे सोनीपत व पानीपत की सीमा में हुए हैं। इनमें 329 लोगों की मौत हो चुकी है। समालखा पुलिस के अनुसार 2018 में 73 सड़क हादसे समालखा क्षेत्र में हाईवे पर हुए हैं। इसमें 35 लोगों की मौत हुई है, जबकि 67 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 2019 में 31 मई तक 31 सड़क हादसे समालखा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए हैं। इनमें 17 लोगों की मौत हुई है। चांदनी बाग थाना में 66 केस दर्ज, इसमें 32 लोगों की मौत हुई। जबकि चांदनी बाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत मई 2019 तक 39 सड़क हादसों में केस दर्ज हुए, इसमें 18 लोगों की मौत हुई है। सोनीपत में 2018 में 141 सड़क हादसे हुए हैं। इसमें 167 लोगों की मौत हुई। 1 जनवरी 2019 से 31 मई 2019 तक सोनीपत की सीमा में 55 सड़क हादसों में 60 लोगों की मौत हो चुकी है। इस प्रकार पानीपत व सोनीपत में डेढ़ साल में ड्रीम प्रोजेक्ट के तरत निर्माण कार्य से 405 सड़क हादसों में 329 लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
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हादसों की वजह :::
जहां पर काम चल रहा है, वहां से वैकल्पिक रास्ता दिया गया है, लेकिन निर्माणाधीन रोड पर वाहन चालक नहीं जाएं, इसकी कोई चेतावनी नहीं दी गई है। इतना ही नहीं हाईवे पर रोशनी भी नहीं है। इसकी वजह से तेज रफ्तार से आ रहे वाहनों को खतरे का अंदाजा ही नहीं लगता और काल के ग्रास में समा जाते हैं।
नई दिल्ली से एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशीष जैन ने बताया कि कंपनी ने अब कुछ साइट पर दोबारा कार्य शुरू किया है। जल्द कंपनी से इस बारे में बात करेंगे। कंपनी ने कार्य क्यों रोक दिया है। इस बारे में उनको ज्याद आइडिया नहीं है। अब जल्द कार्य पूरा होने की संभावना है।
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क्या है पीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट-
-दिल्ली के मुकरबा चौक से पानीपत तक हाईवे- 44 को 12 लेन का करना है।
-प्रोजेक्ट के अंतर्गत 8 मेन लेन व 4 सर्विस लेन बननी है।
-70 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में 29 छोटे पुल, 10 फ्लाईओवर, 5 अंडरपास, 5 यात्रियों के लिए अंडरपास बनने हैं।
-प्रोजेक्ट के अंतर्गत 11 फुट ओवरब्रिज और 15 बड़े रोड जंक्शन बनने हैं।
-ये प्रोजेक्ट 2178.82 करोड़ की लागत से बनेगा।
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