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परिवहन मंत्री के बेटे के कैंसर पीड़ित दोस्त की संदिग्ध हालातों में मौत

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थर्मल। प्रदेश के परिवहन एवं जेल मंत्री के बेटे के कैंसर पीड़ित दोस्त की वीरवार को दिल्ली पैरेलल नहर में डूबने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दिल्ली पैरेलल नहर के पास उसकी कार मिली। कार लॉक थी, जिसमें उसकी चप्पलें पड़ी थी और चाबी भी अगली सीट पर पड़ी थी। कैंसर पीड़ित की कोई खोज खबर नहीं थी। पहले आशंका जताई गई कि कैंसर पीड़ित ने नहर में कूदकर खुदकुशी कर ली है। इस बारे में परिजनों ने पुलिस से कहा कि कैंसर पीड़ित कार चलाकर नहर में पूजन सामग्री डालने गया था और पैर फिसल गया। हालांकि कैंसर पीड़ित के नहर में कूदकर आत्महत्या करने और उसका पैर फिसलकर गिर जाने का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है, दोनों ही आशंकाएं हैं।
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मतलौडा के पंजाबी मोहल्ला निवासी 38 वर्षीय अरविंद उर्फ टिंडू को चार साल से हड्डियों का कैंसर था। वह चलने फिरने भी असमर्थ था। उसका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था। परिजनों के मुताबिक वीरवार की सुबह करीब 4:30 बजे वह अपने घर से कार लेकर चला था। सुबह पत्नी ने आंख खुलने पर पाया कि अरविंद कमरे में नहीं था। जिसकी खबर परिवार के अन्य सदस्यों को दी गई। परिवार के लोग उसके खोजते हुए मतलौडा से हनुमान मंदिर नहर के पास तक आए। वहां पर किसी ने बताया कि एक कार दिल्ली पैरेलल नहर के पास खड़ी है। जिस परिजन मौके पर पहुंचे तो कार अरविंद की थी। कार लॉकी थी, जिस पर अरविंद के चचेरे भाई गौरव ने कार के शीशे से अंदर देखा तो उसमें अरविंद की चप्पलें पड़ी थी। इसके साथ अगली सीट पर कार की चाबी भी पड़ी थी।
उन्होंने तुरंत ही मामले की जानकारी घरवालों को दी, जिस पर परिजनों के साथ ही प्रदेश के परिवहन एवं जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अरविंद की खोजबीन के आदेश दिए। गोताखोरों को लेकर पुलिस ने खूबडू झाल तक खोजबीन की और शाम करीब साढ़े चार बजे उसका शव यहीं से बरामद कर लिया।
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परिजनों ने पुलिस दी शिकायत में दी दलील : नहर में डूबे अरविंद के परिजनों ने असंध नहर नाका चौकी में शिकायत दी कि वह सुबह घर से पूजा-पाठ एवं हवन सामग्री प्रवाहित करने के लिए नहर पर आया था। इस दौरान उसका पैर फिसल गया और नहर में गिरकर डूबने से उसकी मौत हो गई। अरविंद के चाचा ओमप्रकाश ने बताया कि अरविंद के दो छोटे बच्चे और पत्नी सविता हैं।
चलने फिरने में था असमर्थ तो कार लेकर नहर तक कैसे पहुंचा : परिजनों ने भले ही पुलिस को अरविंद की मौत को एक दुघर्टना बताया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि जब हड्डी के कैंसर की वजह से अरविंद चलने फिरने में असमर्थ था तो वह सुबह साढ़े चार बजे कार चलाकर नहर के पास कैसे पहुंचा। इतना ही नहीं अगर पैर फिसलने से वह नहर में गिरा तो उसकी चप्पल और गाड़ी की चाबी कार के अंदर कैसे रह गई। कार की चाबी उसके पास से मिलनी चाहिए थी। एक सवाल यह भी उठा रहा है कि सुबह साढ़े चार बजे घर पर बगैर बताए वह पूजन सामग्री को नहर में बहाने क्यों जाएगा।
हत्या की आशंका से भी नहीं कर सकते इनकार : परिस्थिति जन्य सबूतों के आधार पर अरविंद की हत्या से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। हो सकता है कि कोई उसके कार में लेकर आया और फिर नहर में धकेल दिया हो। हालांकि परिजन यह भी मान रहे हैं कि कैंसर पीड़ित अरविंद ने नाम बीमे की दो पॉलिसी भी थी।
बोली पुलिस : असंध नहर नाका प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि परिजनों ने पूजा सामग्री बहाते समय नहर में गिरने की शिकायत दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ तौर पर कुछ कहा जा सकेगा। सभी पहलुओं को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
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