सिविल अस्पताल के टायलेट में टीबी मरीज की संदिग्ध मौत, दरवाजा तोड़कर निकाला शव
- परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
- पुलिस व अस्पताल प्रबंधन ने नहीं जाना कारण
फोटो-14
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन टीबी के एक मरीज की अस्पताल के टायलेट में संदिग्ध मौत हो गई। वह सुबह के वक्त टायलेट गया था। अस्पताल के चौकीदार ने खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर से कूंडी खोलकर शव को बाहर निकाला। अस्पताल में इस तरह से मरीज की मौत ने अस्पताल के प्रबंधों की पोल खोल दी है। अधिकारियों ने किसी तरह की गाज गिरने के डर से परिजनों को समझा बुझाकर बिना पोस्टमार्टम कराए शव को दे दिया है। वहीं पुलिस ने भी किसी तरह की कार्रवाई की दिलचस्पी नहीं दिखाई।
तहसील कैंप पटेलनगर निवासी महेंद्र (55) टीबी से ग्रस्त था। परिवार के लोगों ने उसको छह अक्तूबर को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया था। महेंद्र सोमवार सुबह टायले के लिए गया मगर काफी समय तक वापस नहीं आया। टायलेट से पानी बाहर निकला तो परिवार के लोग व अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। सिक्योरिटी गार्ड कुलदीप ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा नहीं खुल सका। कुलदीप खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर दाखिल हुआ और टायलेट की कुंडी खोली। इसकी सूचना मिलते ही डॉक्टर मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने जांच में महेंद्र को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने काफी देर हंगामा भी किया, लेकिन डॉक्टरों ने उनको शांत कर दिया। परिजन इसके बाद शव बिना पोस्टमार्टम कराए ही ले गए।
अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल
सिविल अस्पताल के टायलेट में उपचाराधीन मरीज की संदिग्ध मौत होना अस्पताल के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रहा है। इस तरह से कोई भी बड़ी वारदात हो सकती है। परिजनों ने महेंद्र की मौत पर सुबह ही हंगामा भी काटा, लेकिन डॉक्टरों ने बाद में उनको समझा भी दिया। पुलिस ने भी जानकारी मिलने के बाद किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।
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सिविल अस्पताल में टीबी से ग्रस्त महेंद्र की टायलेट में मौत होने की सूचना मिली थी। वे खुद मौके पर गए थे। परिजनों ने भी हादसे को इत्तफाकिया बताया है और किसी पर लापरवाही की शिकायत नहीं दी है। परिजनों ने ही बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले जाने की कही थी।
डॉ. आलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।