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छापे से पहले पहुंची सूचना, सीजेएम खाली हाथ
- जगजीवनराम कॉलोनी में मादक पदार्थ की सूचना पर मारा छापा
- सीजएम की रेड से पहले दो पुलिस कर्मी पहुंचे थे कॉलोनी में
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को जगजीवनराम कॉलोनी में मादक पदार्थ तस्करी की सूचना पर टीम गठित कर छापा मारा। करीब डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम को कुछ भी हाथ नहीं लगा। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि रेड से पहले कॉलोनी में दो पुलिस कर्मचारी आए थे। जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर संदेह के घेरे में आ गई है। छापा मारने पहुंची टीम ने कॉलोनी में चल रहे मादक पदार्थ तस्करी के धंधे में पुलिस की मिलीभगत बताई है। सीजेएम इससे पहले भी थाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा चुके हैं।
चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मोहित अग्रवाल ने बताया कि जगजीवनराम कॉलोनी निवासी 15 वर्षीय किशोर 28 अगस्त को उसके कार्यालय में आया और शिकायत दी थी कि जगजीवन राम कॉलोनी में उसका पिता एक महिला के साथ मिलकर नशे का कारोबार करता है और उसे भी इस धंधे में धकेलना चाहता है। लेकिन वह पढ़ना चाहता है। नशे का कारोबार करने से मना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती है। वह इसकी शिकायत किशनपुरा चौकी पुलिस को भी दे चुका है। लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस भी इन लोगों से मिली हुई है। यही कारण है कि उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। किशोर ने कहा कि कि अगर छापा मारा जाए तो नशीला पदार्थ मिल सकता है।
सीजेएम मोहित अग्रवाल ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एक टीम तैयार की। जिसमें डीसीपीओ निधी गुप्ता, सीडब्ल्यूसी सदस्य किरण मलिक, जुवेनाइल बोर्ड की सदस्य राजश्री, समाजसेवी सतीश गुगलानी, एडवोकेट राजेंद्र जागलान व महिला थाना से महिला पुलिस कर्मचारी नीतू को शामिल किया।
टीम ने दोपहर करीब सवा एक बजे जगजीवनराम कॉलोनी निवासी राजेंद्र व अनीता के मकान के मकान में पर छापा मारा। करीब डेढ़ घंटे तक चली छापे की कार्रवाई के दौरान टीम ने दो मकानों को खंगाला, लेकिन कुछ नहीं मिला। टीम ने जगजीवनराम कॉलोनी निवासी लोगों से बातचीत की। कुछ लोगों ने दबी जुबान में यहां नशे का कारोबार होने की हामी भरी। टीम राजेंद्र व महिला को नशे का कारोबार छोड़ने और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के निर्देश दिए। टीम ने कहा कि वे दोबारा भी यहां छापा मारेंगे। अगर कोई नशे का कारोबार करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डेढ़ घंटे तक चली छापेमार कार्रवाई
नशे का कारोबार करने की सूचना पर जगजीवनराम कॉलोनी पहुंची टीम ने दो मकानों को खंगाला। छापे के दौरान अलमारी से करीब एक लाख रुपये बरामद हुए। पूछने पर राजेंद्र ने बताया कि उसने अपना प्लॉट बेचा था। यह रुपये उसी के हैं। करीब डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान दोनों मकानों से किसी प्रकार का नशीला पदार्थ नहीं मिला। प्राथमिक पूछताछ में राजेंद्र नशे का कारोबार करने से इनकार करता रहा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह पहले यह कारोबार करता था, लेकिन अब छोड़ दिया।
रेड से पहले आए थे दो पुलिस कर्मचारी
डेढ़ घंटे तक चली रेड के दौरान कुछ नहीं मिलने के बाद टीम ने कॉलोनी के लोगों से पूछताछ की। इस दौरान कुछ लोगों ने दबी जुबान में यहां नशे का कारोबार होने की बात कही। लोगों ने बताया कि रेड से पहले यहां दो पुलिस कर्मचारी भी आए थे। कुछ देर रुके फिर चले गए। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार को पुलिस की मिलीभगत से ही चलाया जा रहा है। रेड की भनक लगने के बाद भी पुलिस कर्मचारी यहां पहुंचे और रेड की सूचना देकर चले गए।
मसाज पार्लर की आड़ में चल रहे सैक्स रेकेट मामले में भी पुलिस पर उठे थे सवाल
सीजेएम मोहित अग्रवाल ने सेक्टर-25 स्थित एक मॉल में छापा मारते हुए मसाज पार्लरों की आड़ में चलाए जा रहे सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने पकड़े गए युवक-युवतियों को छोड़ने को कहा था। जिस पर सीजेएम ने सभी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी। सैक्स रैकेट पकड़े जाने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा था। मंगलवार को एक बार फिर थाना चांदनी बाग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली जगजीवनराम कॉलोनी में मारी गई रेड में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
वर्जन
जगजीवनराम कॉलोनी निवासी एक किशोर ने कार्यालय में आकर शिकायत दी थी कि उसका पिता एक महिला के साथ मिलकर कॉलोनी में नशे का कारोबार चलाता है और उसे भी नशे के कारोबार में धकेलना चाहता है। विरोध करने पर दोनों उसके साथ मारपीट करते हैं। वह पढ़ना चाहता है, लेकिन उसका पिता दूसरी महिला के साथ रहता है। उस महिला ने अपना पति घर से बाहर निकाला हुआ है। उसका पिता और वह महिला एक साथ रहते हैं और नशे का कारोबार करते हैं। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए टीम गठित कर छापा मारा। लेकिन कुछ नहीं मिला। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि रेड से पहले दो पुलिस कर्मचारी यहां आए थे।
- मोहित अग्रवाल, सीजेएम एवं डीएलएसए सचिव, पानीपत।