सिपाही विजेंद्र पर छेड़छाड़ का केस दर्ज, किया सस्पेंड
सड़क जाम करने वाले नौ को नामजद समेत 40 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। पुलिसकर्मी से रविवार को हुई मारपीट मामले में पीड़िता महिला के बयान पर पुलिस ने सिपाही विजेंद्र के खिलाफ छेड़छाड़ समेत मारपीट का मामला दर्ज किया है। सिपाही विजेंद्र को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। घायल सिपाही को पानीपत सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन अस्पताल में एमआरआई की सुविधा न होने के कारण और अंदरूनी चोट ज्यादा होने के कारण उसे खानपुर पीजीआई रेफर किया गया। उधर, एएसआई सतपाल सिंह के बयान पर पुलिस ने पीड़िता, सुरेश, चमनलाल, रणजीत, विकास, अशोक, सुनील, जयसिंह व सुनील को नामजद करते हुए 30 अन्य लोगों के खिलाफ सड़क जाम कर यातायात को प्रभावित करने के आरोप में पांच विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी धड़-पकड़ शुरू कर दी है।
मतलौडा थाना प्रभारी धर्मबीर खर्ब ने कहा कि सिपाही विजेेद्र को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू की गई है। महिला की शिकायत पर मारपीट और छेड़छाड़ करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही रोड जाम कर यातायात प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें नौ नामजद के समेत 30 अन्य लोगों के खिलाफ मुुकदमा दर्ज किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मतलौडा बस अड्डा चौक पर एक कार चालक ने ओवर टेक करते हुए बाइक चालक को टक्कर मार दी थी। इस पर वहां तैनात पुलिस कर्मी ने उसे रोकने का इशारा किया। पुलिस कर्मी उसे रोकते रहे लेकिन वह नहीं रुका। करीब सौ मीटर दूर जाकर पुलिसकर्मी ने चालक सुरेश को बाहर खींच कर उतारा तो दोनों में हाथापाई हो गई। चालक की पत्नी के बीच में आने के बाद तीनों में मारपीट शुरू हो गई। महिला द्वारा अपने मायके वालों का फोन करने के बाद आए नैन के ग्रामीणों ने सिपाही विजेंद्र को सड़क पर दौड़ा कर पीटा गया। इसके बाद नैन गांव वासियों ने रोड जाम लगा दिया था।
उधर, महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह टोहाना से अपने मायके नैन गांव में रक्षाबंधन पर आ रही थी। रास्ते में मतलौडा बस अड्डे पर तैनात दो पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रुकवा कर उसके साथ छेड़छाड़ किया। साथ ही उसके पति को गाड़ी से उतार कर उसकी पिटाई की गई।