अनाज मंडी में आढ़तियों ने किया प्रदर्शन, मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
पानीपत। अनाज मंडी में ई- बिलिंग को लेकर विरोध शुरू हो गया है। न्यू अनाज मंडी के आढ़तियों ने बैठक कर सरकार की ओर से की जा रही मनमानी पर चर्चा की। बैठक के दौरान मांगों को लेकर ज्ञापन तैयार किया। जिसे लेकर वह कमेटी के सचिव से मिले। उनकी प्रमुख मांग है कि किसानों की फसल सीधे न ली जाय। अगर ली जाती है तो उसके साथ आढ़ती एसोसिएशन की ओर से एनओसी ली जाए। सरकार आढ़ती व किसानों के बीच फूट न डाले। मंडी में आढ़तियों के हड़ताल पर चले जाने से किसान परेशान हैं। उनकी खरीददारी पर रोक लग गई है। मजदूरों ने भी किसानों की फसल उठाने से इनकार कर दिया है।
जब 24 घंटे आढ़ती के पास है तो कैसे करें विरोध
मंडी में हर दुकान पर 40 से 50 के बीच में मजदूर हैं। उनका कहना है कि उनके दुख-सुख में आढ़ती काम आता है। सोने से लेकर खाने-पीने तक में आढ़ती मदद करता है तो ऐसे में हम कहा जाए। कमेटी की ओर से खाता नंबर मांगा जा रहा है जिसमें मजदूरी ऑन लाइन आएगी। मजदूरों का खाता नहीं है। है भी तो बाहर का है। उनका आना जाना बना रहता है। ऐसे में बैंक खाते में मजदूरी लेना संभव नहीं है। मजदूरों के नेता पदारथ का कहना है कि ऐसे में वह मंडी में आढ़तियों की हड़ताल में साथ है।
दो दिन से गेहूं की रखवाली कर रहा है वेद प्रकाश
मनाना गांव के रहने वाले वेद प्रकाश का कहना है कि दो दिन से वह मंडी में है। गेहूं लेकर आये थे। हड़ताल के कारण उनका गेहूं नहीं बिक रहा है। ऐसे में किसान को समय और समय पर पैसा चाहिए। किसान इस हड़ताल से सफर कर रहा है।
क्या है कारण..
- किसानों की ओर से जो फसल खरीदी जाती है। उसका जे फार्म अब तक आढ़ती देता था। आढ़ती की ओर से फसल का पूरा ब्यौरा यानी वजन से लेकर मजदूरी तक दर्ज होती है। यह पैसा आढ़ती के खाते में आता था। आढ़ती अपने हिसाब से उसे निकाल कर किसान को देता था।
- अक्सर किसान अपना माल मंडी में ले आने के बाद उसकी तौल करा कर आढ़ती से एडवांस लेकर मजदूरी देता हुआ निकल जाता था।
- पहली बार ऐसा हुआ कि सरसों की बेच के लिए आए किसान को मजदूरी भी जेब से देनी पड़ी।
- किसान आढ़ती का ग्राहक होता है। सभी किसानों का तय होता है कि माल किसके पास गिराना है। वह अपने आढ़ती से फसल के आधार पर एडवांस भी ले लेता है।
- किसान के जिस पैसे को अब किसान के खाते में देने की सीधे योजना है। वहीं पैसा मंडी आढ़ती के खाते में आता था। उस पैसे की ट्रांजेक्शन से आढ़ती की बैंक लिमिट बढ़ जाती है।
इसे भी जाने..
- पूरे जिले में एक लाख 98 हजार किसान हैं।
- 70 प्रतिशत किसान का संबध अनाज मंडी से होता है।
- समालखा, इसराना, बापौली, सनौली, बाबारपुर रोड पर अनाज मंडी है।
- नौलत्था में आनाज मंडी का निर्माण चल रहा है।
- न्यू अनाज मंडी में 122 आढ़ती हैं।
सरकार आढ़ती व किसानों में मतभेद पैदा कर रही है। उसे अगर इस तरह से करना है तो आढ़तियों को लाइसेंस क्यों देती है। सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी।
धर्मबीर मलिक प्रधान न्यू आनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन पानीपत।