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एक केस में एक ही बार दे सकेंगे बेल, हर बेलदार का डाटा होगा कंप्यूटर राइज्ड

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एक केस में एक ही बार दे सकेंगे बेल, हर जमानती का डाटा होगा कंप्यूटर राइज्ड
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पानीपत। एक या कई केस में अपनी आई-डी दिखाकर आरोपियों की जमानत करवाने वाले लोग सचेत हो जाएं। क्योंकि अब एक केस में एक ही बार जमानत दें सकेंगे। साथ ही हर जमानती का डाटा भी कंप्यूटर राइज्ड होगा। ऐसे में हर जमानत देने वाले व्यक्ति की कुंडली का ब्योरा भी जमा हो जाएगा। अगर अब एक जमानती दोबारा जमानत देने की कोशिश भी करेगा, तो उसका डाटा खंगाला जाएगा। जिस स्थिति में उसकी जमानत नहीं ली जाएगी। इसके अलावा उसकी एंट्री नोट कर ली जाएगी। इसके बाद भी वो तीसरी बार या इससे अधिक बार उसी केस में जमानत देने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। हाईकोर्ट के आदेश अनुसार इस नियम को लागू कर दिया गया है। इस नियम के अनुसार जो भी व्यक्ति आरोपी की जमानत देने के लिए आता है, तो उसकी फोटो व उसका आधार कॉर्ड कंप्यूटर राइज्ड होगा। वो व्यक्ति मौजूदा केस में सिर्फ एक ही बार जमानत दे सकता है।
ये होंगे फायदे:
- अब किसी भी केस में आरोपी की जमानत होनी मुश्किल होगी
- फर्जी व पेड जमानती की संख्या में भी कमी आएगी
- जमानत के बाद ज्यादातर आरोपी फरार हो जाते थे, उन्हें पकड़ने में भी पुलिस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब ये मुश्किल भी हल होगी।
- हर जमानती की शिनाख्त भी कंप्यूटर राइज्ड होगी।
- फर्जी जमानतियों को कोर्ट कई बार जेल भी भेज चुकी है। लेकिन अब न ही फर्जी जमानती होंगे, न ही पुलिस का ज्यादा काम बढ़ेगा।
- अपराधी अपराध करते हुए जमानत के नजरिए से सोचने पर मजबूर होंगे व अपराध में कमी आने की संभावना रहेगी।
- मेन्यूअली में बेलदार का रिकार्ड खंगालना मुश्किल होता, लेकिन कंप्यूटर राइज्ड करने में एक क्लिक में बेलदार की कुंडली सामने आ जाएगी।
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