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बेटी के हत्यारे उद्यमी परिवार की गिरफ्तारी के लिए परिजनों ने जमकर किया रोष प्रदर्शन, मंत्री पंवार को सुनाई खरी खरी, एसपी ने मांग

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पानीपत। बेेटी के हत्यारे उद्यमी वडेरा परिवार की गिरफ्तारी के लिए परिजनों ने वीरवार को लघु सचिवालय के सामने फ्लाईओवर के नीचे वीरवार का जमकर हंगामा किया। इस दौरान गेस्ट हाउस से निकल रहे परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार को परिजनों ने घेर लिया और उन्हें खरी-खोटी सुनाई। इतना ही नहीं उन्होंने मंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इसके बाद मंत्री ने मौके पर मौजूद डीएसपी के फोन से एसपी को कॉल की। उन्होंने पीड़ित परिवार की सुनवाई करने के साथ ही आरोपियों पकड़ने का निर्देश दिए। इसके बाद परिजन एसपी से मिले, जिस पर एसपी ने परिजनों से आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 48 घंटे का वक्त मांगा। इसके साथ ही एसपी ने बेटी का अंतिम संस्कार करने का आग्रह किया। एसपी के आदेशों के बाद संबंधित मामले में आरोपियों के खिलाफ सबूतों को खुर्द-बुर्द करने सहित एसएसटी एक्ट की धारा जोड़ी गई। एसपी के आश्वासन के बाद परिजनों ने सामान्य अस्पताल के शवगृह से बेटी की डेड बॉडी उठाई व उसका अंतिम संस्कार किया।
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- डीएसपी से परिजन बोले- अगर भाई होते तो आरोपी जेल में होते
वीरवार सुबह साढ़े 10 बजे मृतका पूजा के परिजनों सहित विभिन्न संगठनों के लोगों सहित शहरवासी लघु सचिवालय के सामने फ्लाईओवर के नीचे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के साथ बैठ गए। इसके बाद वहां दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर डीएसपी सिटी सतीश गौतम व डीएसपी विरेंद्र भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बल को देखकर लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। डीएसपी ने नारेबाजी रुकवानी चाही, लेकिन आक्रोषित लोग लगातार नारेबाजी करते रहे। डीएसपी ने लोगों को कहा कि उन्होंने संबंधित मामले में आरोपी परिवार के नौकर व उनके एक रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया है। लेकिन लोग इस बात को मानने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए साइबर टीम सहित सीआईए व 5 टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। मौके पर अपने-अपने कैमरों से वीडियो रिकॉडिंग कर रहे लोगों को डीएसपी ने रुकवाना चाहा, इससे लोग और भी ज्यादा भड़क गए। डीएसपी ने कहा कि मैं तुम्हारा भाई हूं। लोगों ने जबाव में कहा कि अगर भाई होते तो सभी आरोपी जेल में होते। लोगों की इस बात पर पुलिस चुप्पी साधती नजर आई।
- लोगों को चुप करवाते हुए दोनों डीएसपी की आपस में हुई कहासुनी:
पुलिस के किसी भी आश्वासन को परिजन व लोग मानने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने कई तरह के आश्वासन परिजनों को सामने रखे, लेकिन परिजन सिर्फ आरोपियों की मांग पर अड़े थे। इसी बीच परिवार के सदस्यों को पुलिस धरना स्थल से कुछ दूरी पर ले गई। जहां ले जाने के बाद उनके पीछे-पीछे काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने फिर से वहां नारेबाजी करनी शुरू कर दी। जिस पर डीएसपी विरेंद्र लोगों ने कुछ गर्मी से बात करने लगे, तो डीएसपी गौतम ने उन्हें इस तरह से बात न करने के बारे में कहा। फिर से ऐसा ही हो जाने पर डीएसपी गौतम ने डीएसपी विरेंद्र को चुप रहने के बारे में कहा। जिस बात पर डीएसपी गुस्से में आ गए और वे डीएसपी गौतम को बोलने लगे की लोगों के सामने मेरी बेइज्जती करने की जरूरत नहीं है। दोनों में कुछ देर विवाद हो गया, जोकि बाद में शांत भी हो गया।
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- मंत्री कृष्णलाल पंवार को घेरा, मुंह पर लगाए मुर्दाबाद के नारे
इसी दौरान वहां दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर स्काई लार्क होटल से परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार निकल रहे थे। उनकी गाड़ी को देखकर लोग उनकी ओर दौड़ पड़ेे। जिस पर मंत्री ने खुद वहीं आने का इशारा किया। लोगों ने मंत्री का घेराव कर लिया और नारेबाजी करने लगे। लोगों ने मंत्री के सामने पूरे मामले की बात रखी। मंत्री ने भी लोगों को मौखिक तौर पर काफी समझाने की कोशिश की तो लोगों ने मंत्री को भी खरी-खोटी सुना दी। उनके मुंह पर ही मुर्दाबाद के नारे लगा दिए। जिसके बाद मंत्री ने डीएसपी के फोन से एसपी को फोन किया व संबंधित मामले में सुनवाई करने, उचित कार्रवाई करने सहित आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
- 40 मिनट तक चली बातचीत में एसपी ने गिरफ्तारी के लिए मांगे 48 घंटे
मंत्री के फोन करने के बाद परिजनों समेत 20 लोगों का एक ग्रुप एसपी से मिलने उनके कार्यालय गए। जहां 40 मिनट से भी अधिक चली बात-चीत में एसपी ने लोगों को पुलिस पर व पुलिस कार्रवाई पर भरोसा करने के बारे में कहा। एसपी ने कहा कि उनकी सीआईए, साइबर टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई जगहों पर दबिश दे रही है। आरोपियों की आखिरी लोकेशन बीकानेर की मिली, जहां टीम ने दबिश दी, लेकिन कुछ भी सुराग नहीं मिला। बातचीत के दौरान परिजनों के कहे अनुसार एसपी ने डीएसपी विरेंद्र को केस में सबूतों को खुर्द-बुर्द करने की धारा 201 सहित एससीएसटी एक्ट की धारा सहित ममता वडेरा, योगेश वडेरा सहित उनकी दोनों बेटियों और योगेश के बड़े भाई दीपक वडेरा पर हत्या की धारा जोड़ने के निर्देश दिए। एसपी ने परिजनों को आरोपियों को 2 दिनों के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। साथ ही बेटी के शव को शवगृह से लेने और उसकी अंत्येष्टि करने का आग्राह किया।
- पिता बोले- पुलिस के आश्वासन से नहीं, बेटी की सड़ रही बॉडी के कारण छोड़ा प्रदर्शन:
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के गांव बहादुरपुर निवासी अंगद की पुत्री पूजा मॉडल टाउन में योगेश वढेरा की कोठी पर नौकरानी थी। शनिवार को पूजा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वहीं पूजा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की, इस बीच आरोपी फरार हो गए। इससे नाराज होकर परिजनों ने पूजा का शव लेने से इनकार कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही पूजा की अंत्येष्टि करने की बात कही और सोमवार से लेकर वीरवार तक पूजा के परिजनों का पुलिस के खिलाफ आंदोलन जारी रहा। दोपहर साढ़े 3 बजे मृतका के पिता ने बेटी के शव की अंत्येष्टि करने का फैसला लिया। पिता ने कहा कि वे पुलिस के आश्वासन से नहीं, बल्कि बेटी की सड़ रही डेड बॉडी के कारण प्रदर्शन छोड़ रहे हैं। मामले में 5 दिन बीत जाने पर जब पुलिस ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की, तो आगामी दो दिनों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी, इसका यकीन कैसे किया जा सकता है। लेकिन पुलिस के इस रवैया के कारण बेटी की डेड बॉडी सड़ती जा रही है, इसलिए उसकी अंत्येष्टि के लिए प्रदर्शन खत्म कर रहा हूं। लेकिन इंसाफ के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
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