भ्रष्टाचार के मामले में एसएचओ मतलौडा दोबारा लाइन हाजिर
बदमाशों से मिलीभगत और
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा।
मतलौडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह संधू को भ्रष्टाचार के आरोप के चलते लाइन हाजिर कर दिया गया है। वे अपनी सर्विस के दौरान दो बार मतलौडा में ही थाना प्रभारी लगाए गए और दोनों बार भ्रष्टाचार के आरोप में लाइन हाजिर कर दिए गए। उन्हें दोबारा स्थानीय लोगों की मांग पर 25 अक्टूबर को मतलौडा का थाना प्रभारी नियुक्त किया गया था। बताया जा रहा है कि राजेंद्र सिंह संधू करीब सात माह बाद ही रिटायर हो रहे हैं।
एसएचओ संध पर आरोप है कि आपराधिक प्रवृत्ति के युवक का तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए उन्होंने अपनी आईडी प्रयोग की थी। वहीं लूटपाट की वारदात में पकड़े गए धर्मगढ़ के एक युवक को 40 हजार लेकर छोड़ने का भी आरोप उन पर लगा है। कुछ लोग इंस्पेक्टर के दलाल बने हुए थे, जो रात को भी उसके साथ गाड़ी में घूमते थे।
ऊंटला निवासी संदीप ने बताया कि उस पर नाजायज हथियार बरामद दिखाया गया और उसे लूट के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उसके दोस्तों से वसूली की गई थी। उन्होंने इसकी शिकायत डीजीपी से की थी। एसपी ने इसकी जांच कराई तो पूरा मामला सामने आ गया। एसपी ने राजेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।
रिश्वत के आरोप में इसी थाने में किए गए थे गिरफ्तार
थाना मतलौडा प्रभारी राजेंद्र सिंह को पिछले साल इसी थाने में एसएचओ रहते भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया था। उन पर नारा गांव के एक व्यक्ति को एनडीपीएस एक्ट में ढील देने के आरोप थे। पुलिस ने इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह संधू से रिश्वत में लिए गए आठ लाख रुपये बरामद किए थे। राजेंद्र सिंह संधू का अक्टूबर में मतलौडा थाना प्रभारी नियुक्त करने के दो दिन बाद ही करनाल तबादला हो गया था। लेकिन उन्होंने अपनी बदली रुकवा ली और मतलौडा में थाना प्रभारी के रूप में सेवा देने की इच्छा जाहिर की थी।
वर्जन
मतलौडा एसएचओ राजेंद्र सिंह संधू की कार्यप्रणाली ठीक नहीं थी। उनके खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। एसपी ने एसएचओ राजेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। अब जल्द ही नया थाना प्रभारी लगा दिया जाएगा।
संदीप मलिक, डीएसपी थाना मतलौडा एवं ट्रैफिक, पानीपत।