आरटीआई एक्ट 2005 के तहत सूचना न देने पर पानीपत सब अर्बन डिविजन के एसडीओ पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह केस वर्ष 2014 का है। उस समय पानीपत सब अर्बन डिविजन में एसडीओ आरएस गुलिया कार्यरत थे। गुलिया वर्तमान में अंबाला में ऑपरेशन सब डिविजन में बतौर एसडीओ पद पर कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार पानीपत के आरटीआई एक्टीविस्ट यशपाल मलिक ने वर्ष 2010 से 14 तक पानीपत जिले में पंचायतों द्वारा पानी पीने के लिए जो सबमर्सीबल पंप लगाए हैं उनमें से कितनों के विभाग ने कनेक्शन दिए हैं।
इसी अवधि के दौरान जिलेभर में निगम ने कितने खेतों के ट्यूबवेल कनेक्शन व जिले के लघु सचिवालय व कोर्ट कांपलेक्स में निगम द्वारा कोन से बिजली कनेक्शन जारी किए गए हैं, 2013-14 में कितने बिजली चोरी के केस पकड़े व उनसे कितनी आय हुई, बिजली चोरी पकड़वाने वालों को कितना इनाम दिया गया इत्यादि विभिन्न विषयों पर 22 मई 2014 को जानकारी मांगी थी।
साल बाद भी जानकारी नहीं मिली। यशपाल ने राज्य सूचना आयोग से शिकायत की। राज्य सूचना आयोग ने इस मामले में विभिन्न अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया।
अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया न ही आयोग के सामने पेश हुए। इस पर राज्य सूचना आयोग ने सब अर्बन सब डिविजन पानीपत के एसडीओ आरएस गुलिया जोकि वर्तमान में अंबाला में कार्यरत हैं पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।