फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: पार्षद खोल रहे जिला परिषद में गड़बड़ियों की परत

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

पानीपत। जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा के खिलाफ अविश्वास को लेकर बैठक बुलाने के बाद भी घमासान नहीं थम रहा है। पार्षदों का आरोप है कि पिछले एक साल में 30 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए, लेकिन मुश्किल से तीन करोड़ रुपये के काम हो पाए हैं। इनमें भी उनके असल कामों को अनदेखा कर अपने स्तर पर काम शामिल कर दिए जाते थे।
इसके साथ पार्षद विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगा रहे हैं। अब सबकी निगाह नौ फरवरी को ज्योति शर्मा के खिलाफ अविश्वास बैठक पर टिकी हैं। हालांकि ज्योति शर्मा ने पार्टी नेताओं के दरवाजे खटखटाएं हैं। जिला परिषद के 17 में से 12 पार्षदों ने सामने आकर जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे।
विज्ञापन

उनको अविश्वास साबित करने के लिए नौ फरवरी का समय दिया है। इस गुट के पार्षद दूसरे पक्ष से बचने के लिए एक गुप्त स्थान पर हैं और दूसरे पक्ष की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। पार्षद शनिवार को भी स्काईलार्क में पहुंचे। उन्होंने यहां पूरे मामले पर मंत्रणा की और अविश्वास के लिए एकजुट रहने का वचन भी लिया। अविश्वास लाने के लिए 11 पार्षदों की जरूरत है। जिप चेयरपर्सन ज्योति शर्मा ने बताया कि अविश्वास को लेकर पहले भी बैठक बुलाई जाती रही हैं।
वार्ड एक के पार्षद आकाश पोड़िया ने बताया कि पार्षदों ने प्रत्येक बैठक में चेयरपर्सन ज्योति शर्मा का सहयोग किया। उनको अपने प्रस्ताव दिए, लेकिन उनके प्रस्तावों काे अनदेखा कर दिया जाता था। दूसरे कामों को उनकी जगह शामिल कर दिया जाता था। करीब 30 करोड़ के काम पार्षदों ने दिए हैं। इनमें से तीन करोड़ के काम किए गए हैं।
करीब 10 करोड़ रुपये अब भी जिला परिषद के खाते में हैं। जिला परिषद के कामों को सरपंच के माध्यम से कराया जा सकता है, लेकिन इस तरफ से अनदेखी बरती गई। सिठाना गांव के सरकारी स्कूल में चेयरपर्सन ने आरओ लगाने की घोषणा की थी, लेकिन आरओ नहीं लगवाया गया। सरपंच ने बाद में रिफाइनरी की मदद से आरओ लगवाया।
विज्ञापन

पार्षदों का आरोप है कि सरकार द्वारा हर वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगाई जानी हैं। इसको लेकर प्रत्येक वार्ड में बराबर स्ट्रीट लाइट मिलेंगी। पार्षदों का आरोप है कि चेयरपर्सन और अधिकारी मिलकर स्ट्रीट लाइटाें को जिला परिषद के खाते में लगाने की तैयारी में है। पार्षद पति संदीप देशवाल ने कहा कि भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास की नीति से काम कर रही हैं, लेकिन नीचे के कुछ लोग सरकार की नीतियों को अनदेखा कर रहे हैं। उनकी लड़ाई सरकार से नहीं है। वे जिप चेयरपर्सन के खिलाफ हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें