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Panipat News: पार्षद ने की थी थाना क्षेत्र बदलने की मांग, मिली कार्रवाई की चेतावनी

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पानीपत। जनहित की एक शिकायत सीएम विंडो पर लगाना एक पार्षद को काफी महंगा पड़ता नजर आ रहा है। तीन साल बाद पुलिस ने उनके निवर्तमान होने पर उनको तलब कर लिया है। साथ में चेतावनी भी दी है कि अगर वे कार्यालय में पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। शिकायत का समाधान न होने और उल्टा नोटिस मिलने पर खफा निवर्तमान पार्षद ने फिर से इसकी शिकायत सीएम विंडो पर लगा दी है।
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मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में निगम के वार्ड-18 निवर्तमान पार्षद बलराम मकौल ने बताया कि वर्ष 2021 में तत्कालीन एसपी शशांक कुमार सावन द्वारा आठ मरला चौकी के अधीन आने वाले लगभग आधे से ज्यादा एरिया को काटकर थाना माडल टाउन में जोड़ दिया गया था। जिससे लोगों को पुलिस के पास मदद के लिए काफी दूर जाना पड़ने लगा। लोगों की परेशानी को देखते हुए वे इस विषय पर एसपी से मिले और इस एरिया को वापस आठ मरला चौकी में जुड़वाने की मांग की लेकिन उन्होंने इस जनहित की अर्जी को अस्वीकार कर दिया।
इसके बाद उन्होंने अगस्त 2021 को इस बारे सीएम विंडो पर शिकायत दी। अब तीन साल बीत जाने के बाद डीएसपी कार्यालय की ओर से उन्हें एक नोटिस मिला। जिसमें उन्हें डीएसपी कार्यालय में पेश होने की हिदायत दी गई। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि अगर वे पेश नहीं हुए तो उनके ही खिलाफ कार्रवाई हो जाएगी।
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वे निर्धारित समय 10 जुलाई को सुबह 10:30 बजे उप अधीक्षक कार्यालय में पहुंच गए लेकिन डीएसपी नहीं मिले। उन्होंने रीडर से नोटिस भेजने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि सीएम विंडो की हिदायत के अनुसार नोटिस जारी किया गया है।
इसे लेकर निवर्तमान पार्षद ने फिर से सीएम विंडो पर एक शिकायत दी। जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि उप पुलिस अधीक्षक द्वारा बिना किसी वजह परेशान करने के लिए भेजे गए इस नोटिस की जांच करवाई जाए। गलत पाए जाने पर इस पर कड़ा संज्ञान लिया जाए ताकि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी किसी ओर के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार न करे और शहर में कानून व्यवस्था ठीक-ठाक बनी रहे। निवर्तमान पार्षद ने कहा कि उन्होंने जनहित में एक याचिका लगाई जिस पर पुलिस उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार कर रही है तो आम आदमी के साथ पुलिस का बर्ताव कैसा होता होगा।


वर्जन:
निवर्तमान पार्षद को उनकी शिकायत के बयान दर्ज करवाने के लिए नोटिस भेजकर बुलाया गया था। भेजा गया नोटिस एक निर्धारित प्रफोर्मा पर होता है। उसी फार्मेट के हिसाब से नोटिस भेजा गया था। इसमें सभी बातें स्पष्ट लिखी हैं। इसका मकसद केवल उनका पक्ष जानना है।
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संदीप, डीएसपी, मुख्यालय।
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