पानीपत। एंटी करप्शन ब्यूरो ने इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक से दो लाख की रिश्वत के मामले में पीएनडीटी प्रभारी डॉ. पवन और क्लर्क नवीन की तलाश तेज कर दी है। इनको लेकर कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे। इसके साथ एसीबी ने इनकी कॉल डिटेल निकलवाएगी। ब्यूरो का दावा है कि इनकी कॉल से भ्रष्टाचार का भंडा फूटेगा। इसमें कई बार अधिकारी और पीड़ित सामने आ सकते हैं।
विदित है कि एंटी करप्शन ब्यूरो की अंबाला और कैथल की संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर शाम को बरसत रोड स्थित आधार अस्पताल के संचालक डॉ. विशाल मलिक को दो लाख रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। डॉ. विशाल ने यह राशि स्वास्थ्य विभाग के पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. पवन और क्लर्क नवीन कुमार के कहने पर लेने की बात कही। एसीबी की टीम ने डाॅ. विशाल मलिक को गिरफ्तार कर लिया था। इसमें डॉ. विशाल मलिक, डॉ. पवन और क्लर्क नवीन कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। डॉ. पवन और क्लर्क नवीन को मुख्य धाराओं में शामिल किया है। क्लर्क नवीन ने सेंटर संचालक संजीव छाबड़ा को फोन कर पैसों की मांग की थी। संजीव छाबड़ा ने यह राशि डॉ. पवन को देने की बात कही तो उनको मना कर दिया। यह राशि सीधे लेने की बजाय आधार अस्पताल के संचाकल डॉ. विशाल मलिक को देने की बात कही। एसीबी की टीम ने इसके आधार पर दबिश दी थी।
कॉल डिटेल में जांच आगे बढ़ाएंगे
एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी डॉ. विशाल मलिक और पीएनडीटी के प्रभारी डॉ. पवन और क्लर्क नवीन के मोबाइल की डिटेल निकाली जाएगी। इसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। इसमें किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी का नाम आता है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।