चौड़ा बाजार, इंसार बाजार, सलारगंज गेट, ड्रेन नंबर एक तक चला निगम का अतिक्रमण मुक्त अभियान
- 60 दुकानों का सामान किया जब्त, दो ट्राली सामान भरकर ले गई टीम, आठ पर पांच हजार का जुर्माना लगाया
- इंसार बाजार के दुकानदारों ने धरने पर बैठे, ट्राली रोक ली थी, बाद में कराया मामला शांत
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर के बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर मंगलवार को नगर निगम ने फिर से बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। इस दौरान निगम टीम ने पहली पातशाही गुरुद्वारा से लेकर चौड़ा बाजार, इंसार बाजार, सलारगंज गेट से होते हुए ड्रेन नंबर एक तक ये अभियान चलाया। यह अभियान सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक चला। जिससे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
इसमें करीब 60 दुकानदारों द्वारा रोड पर किया गया अतिक्रमण हटाते हुए उनका सामान जब्त किया गया। वहीं, आठ दुकानदारों पर करीब पांच हजार का चालान करते हुए उनका उठाया सामान वापस दिया गया। निगम की टीम ने अतिक्रमण के सामान से दो ट्रैक्टर ट्राली भरकर पूरे सामान को जब्त कर लिया। अभियान में निगम टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा।
निगम टीम इंसार बाजार पहुंची तो कुछ दुकानदारों ने इस अभियान का विरोध किया। निगम ने उनके सामान को जब्त कर लिया तो वे विरोध स्वरूप धरने पर बैठ गए। उन्होंने बाजार से ट्राली को निकलने नहीं दिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने दुकानदारों को समझा बुझा मामला शांत करवाया। निगम टीम ने भी जब्त किए सामान को लौटा दिया और चेतावनी दी कि भविष्य में अतिक्रमण मिला तो उनके सामान को फिर से जब्त कर लिया जाएगा।
एक दिन पहले दी चेतावनी, नहीं हुआ सुधार :
निगम टीम ने एक दिन पहले भी सोमवार को बाजारों को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए अभियान चलाया था। इसमें करीब 200 दुकानदारों को चेतावनी देकर उनका सामान अंदर रखवाया, लेकिन अगले दिन फिर से दुकानदारों ने अपना सामान बाहर रख लिया।
अब होंगे चालान :
निगम अधिकारियों ने बताया कि बाजारों में अतिक्रमण करने वालों के अब पांच से लेकर 25 हजार तक के चालान होंगे। काम में रुकावट डालने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी। अतिक्रमण की वीडियोग्राफी तक कराई जाएगी। इसके बाद सामान तो जब्त होगा ही साथ में भारी भरकम जुर्माना लगाया जाएगा।
आज से बड़े स्तर पर शुरू होगा अभियान :
निगम अधिकारी रिंकू शर्मा, विकास नरवाल और राकेश कुमार ने बताया कि निगम आयुक्त के निर्देशानुसार अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू हो चुका है, जो आगे भी जारी रहेगा। अभियान में आपत्ति दर्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तक होगी।