पानीपत। शहरी स्थानीय निकाय का एनडीसी पोर्टल अपडेट होने के बाद लोगों के लिए नासूर बन चुका है। इसे समझना शहरवासियों की तो दूर अधिकारियों की समझ से भी परे हो गया। इसके लेवल-2 के अब छह सब-लेवल बना दिए हैं। पानीपत शहर के विधायक प्रमोद विज ने दो महीने पहले पोर्टल को आसान कराने का दावा किया था और मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचाया था। इसके लिए निगम के कर्मचारियों की पंचकूला में ट्रेनिंग भी कराई, लेकिन अब इसका उलटा हो गया। अब एक लेबल में छह सब लेवल बना दिए गए। ऑनलाइन पोर्टल पर लगाए गए एक ऑब्जेक्शन को तलाशने के लिए भी अधिकारियों को एक दूसरे के पास चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इन लेवल पर किसी ड्यूटी लगाई जाए किसकी नहीं पर भी असमंजस बना हुआ है। जिससे प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी का काम पूरे तरीके से ठप हो रहा है। शहरवासियों की बढ़ती परेशानी को देखकर भ्रमित अफसरों ने बुधवार को शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय पंचकूला में भी इस समस्या को साझा किया और सुझाव मांगे। अब देखना ये है कि इस जटिल प्रक्रिया का समाधान कैसे और कितने दिन में हो सकता है। दूसरी ओर निगम में चक्कर लगाने वाले शहर के लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जो काम पहले 15 दिन में हो जाया करता था, उसे करवाने के लिए अब डेढ़ माह का इंतजार करना पड़ेगा।
इस तरह हुई जटिल प्रक्रिया
वार्ड नंबर 22 से पार्षद योगेश डावर ने बताया कि लेवल टू पर जब कोई फाइल जाती है तो उसे छह सब लेवल से गुजरना पड़ता है। इनमें डेवलपमेंट चार्ज और वैध एरिया का पहला, मोबाइल और नाम का दूसरा, संपत्ति की जानकारी का तीसरा, प्रॉपर्टी टैक्स का चौथा, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट चार्ज का पांचवां और वेस्ट और सीवरेज चार्ज का छठा सब लेवल तैयार किया गया है। इनमें से चार लेवल पर अधिकारियों में एक्सईएन, जेडटीओ, डीएमसी जैसे अधिकारियों को तैनात किया गया है जबकि सोलिड वेस्ट और सीवरेज चार्ज के लिए अभी तक अधिकारी तैनात नहीं किए जा सके हैं।
वर्जन:
मुख्यालय से मांगे सुझाव : निगम
अभी तक पोर्टल पर चल रही गतिविधियों से कुछ परेशानी हो रही है। इसे लेकर मुख्यालय से भी संपर्क किया जा रहा है। जैसे ही स्थिति स्पष्ट होती है वैसे ही रफ्तार से काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
-समयपाल सिंह, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी।