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Panipat News: बजट के लक्ष्य से पिछड़ा निगम, अब नए वित्तीय वर्ष की तैयारी

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पानीपत। नगर निगम आज तक अपने निर्धारित बजट की आय और व्यय के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया है। जब बजट प्रस्तावित किया जाता है तो अधिकारी आय पूरी करने और विकास कार्यों पर खर्च करने का खाका तो खींच लाते हैं, लेकिन वित्तीय वर्ष के अंत तक उनके ये दावे हवा हवाई मिलते हैं। पिछली बार भी निगम ने अपने प्रस्तावित बजट में 178 करोड़ की आय और व्यय का लक्ष्य रखा था। इसके अलावा करीब 109 करोड़ का अनुदान मिलने का लक्ष्य था। यह करीब 287 करोड़ रुपये बनता है। इसको अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। निगम ने अब नए सत्र की बजट बैठक 29 मार्च को देवी कांप्लेक्स में बुलाई है। लेखाधिकारी बजट बनाने में लगे हैं।
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निगम के खर्च तो बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन आय नहीं बढ़ पाई है। नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2022-23 तक के आय व्यय पर निगम की फाइनेंस कमेटी के सदस्य एवं पार्षद रविंद्र भाटिया से बातचीत की गई। उन्होंने भी माना कि जितना बजट हर साल निगम अधिकारी प्रस्तावित करते हैं। उसे पूरा नहीं कर पाते। इस बार फिर से निगम बजट पास करने के लिए 29 मार्च को ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स में मेयर की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है।
नगर निगम ने गत वर्ष 2022-23 के प्रस्तावित बजट में 178 करोड़ रुपये की आय रखी थी। इसके अलावा एसएफसी के 83 करोड़ और 26.64 करोड़ सीएफसी की ग्रांट को शामिल कर 109 करोड़ की ग्रांट से आय प्रस्तावित की गई। जबकि इससे पहले 2021-22 में इस बजट को 161.57 करोड़ प्रस्तावित किया गया था, लेकिन सभी मदों से सिर्फ 43.31 करोड़ ही जमा हुए। उससे पहले 2020-21 में सभी मदों से 139.35 करोड़ की आय रखी थी, जो केवल 83.70 करोड़ पर ही सिमट गई। पिछले वर्ष 287 करोड़ की राशि को निगम ने अपने व्यय में भी शामिल कर लिया। इससे पहले 158 करोड़ के बजट में से 79 करोड़ ही खर्च हो पाए थे। उससे एक साल पहले 135 करोड़ में से सिर्फ 65 करोड़ ही खर्च हो सके। विकास कार्यों की बात करें तो 2022-23 में 114 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। कॉन्टीजेंसी खर्च भी 64 करोड़ निर्धारित किया गया था।
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निगम आय में चूक रहा है और खर्च बढ़ रहा है। इसकी जानकारी अफसरों से रिकॉर्ड समेत ली जाएगी। अब 29 मार्च को बजट को लेकर बैठक भी है। इसमें ये मुद्दा रखेंगे कि प्रस्तावित बजट और धरातल पर फर्क किन कारणों की वजह से रहता है।
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- रविंद्र भाटिया, पार्षद एवं सदस्य फाइनेंस कमेटी।
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