25 संस्थाओं ने आगे आकर आयोजकों पर लगाए गबन के आरोप, अयोध्या से आये पंडित निर्मल शास्त्री और यज्ञाचार्य शिवाधर दूबे ने भी कमेटी पर लगाए आरोप
-समस्त पूर्वांचल के जिला प्रधान ने आरोपों को निराधार बताया, दूसरे पक्ष को कठघरे में किया खड़ा
-बागेश्वर धाम से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रदेश में पहले आयोजन को लेकर सुर्खियों में आई थी संस्था
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पूर्वांचल समाज में श्रीराम कथा को लेकर पिछले दिनों से चल रहा विवाद रविवार को खुलकर सामने आ गया। 25 संस्थाओं ने सामने आकर समस्त पूर्वांचल समाज कमेटी पर श्रीराम कथा में गबन का आरोप लगाया है। खुद कथा में अयोध्या से आये पंडित निर्मल शास्त्री और यज्ञाचार्य शिवाधर दूबे भी इस मामले में सामने आए हैं। उन्होंने कमेटी पर दान के पैसे भी हड़पने का आरोप लगाया है। वहीं समस्त पूर्वांचल समाज के प्रधान ने आरोपों को निराधार बताया है और आरोप लगाने वाले लोगों को राजनीति ठेकेदार बताया है।
विदित है कि श्रीराम कथा में बागेश्वर धाम से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समाज व देश को मजबूत बनाने का संदेश दिया था। पूर्वांचल समाज की 25 संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने रविवार को जीटी रोड स्थित एक होटल में बैठक की। जिसमें मुख्य रूप से सुशील ठाकुर, पीएन सिंह, अवधेश यादव व मदन सिंह आगे आए। जिसमें 25 जनवरी से चार फरवरी को हुडा सेक्टर-25 में कराई गई श्रीराम कथा के आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की। श्री राम कथा में अयोध्या से आये पंडित निर्मल शास्त्री और यज्ञाचार्य शिवाधर दूबे भी सबके सामने आए। समाज के लोगों ने कहा कि पानीपत में श्रीराम कथा समस्त पूर्वांचल समाज के नाम पर करवाई गई थी। यह तथाकथित कमेटी खुद ही 5-6 लोगों के द्वारा बनाई गई। इसमें पूर्वांचल की कमेटियों और लोगों की सहमति नहीं रही थी। कथा की शुरुआत से ही समस्त पूर्वांचल समाज कमेटी की कुछ गतिविधियां संदिग्ध लग रही थी। जिसमे चंदे और आर्थिक अनियमतिताओं की बातें साफ रूप से आगे आ रही थी। कथा संपन्न होने के बाद इस कथा के संयोजक रहे अयोध्या से आये पंडित निर्मल शास्त्री और यज्ञाचार्य शिवाधर दूबे ने भी कमेटी पर आरोप लगाए जो संगीन भी थे। इस प्रकरण से पूर्वांचल समाज के साथ ही पूरे जिले में इस मेहनती समाज की छवि को हानि पहुंची है और शहर के लोगों के बीच समाज को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।
समाज ने कमेटी काे किया भंग
समाज के लोगों ने शिवाधर दूबे के आरोपों पर गहन मंथन किया और सर्वसम्मति से समस्त पूर्वांचल समाज कमेटी को भंग कर दिया है। समाज ने कमेटी को मान्यता देने से साफ मना कर दिया।
समस्त पूर्वांचल समाज के प्रधान सुमन झा ने बताया कि आरोप निराधार हैं। श्रीराम कथा में हनुमान भगवान के अलावा किसी को यजमान नहीं बनाया था। कोई भी काम करना मुश्किल होता है, जबकि टिप्पणी करना आसान है। कुछ लोग 35 साल से पूर्वांचल समाज की अगुवाई कर रहे हैं। वे आज तक समाज के लिए कुछ नहीं कर पाए। कमेटी ने चार महीने में कुछ लोगों ने प्रदेश स्तर का कार्यक्रम कराया है। बागेश्वर सरकार इसमें शामिल हुए थे। कुछ लोगों की राजनीति की ठेकेदारी खत्म होने का डर है।