पानीपत। जिले की चारों विधानसभा सीटों की स्थिति मतदान के अगले दिन साफ हो गई है। प्रत्याशियों के साथ विशेषज्ञ भी इसको लेकर पूरा दिन आकलन करने में लगे रहे। हालांकि असल फैसला आठ अक्तूबर को मतों की गणना के बाद ही स्पष्ट होगा। पानीपत शहरी और इसराना में कड़ा मुकाबला बना हुआ है। इसराना में भितरघात बड़ी चिंता है। दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों को इसका डर भी है। पानीपत ग्रामीण व समालखा में मुकाबला त्रिकोणीय है। समालखा मुख्य रूप से कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशी आगे हैं। पानीपत ग्रामीण विधानसभा में कई जगह भाजपा के महिपाल ढांडा, कई जगह निर्दलीय विजय जैन और कहीं पर कांग्रेस के सचिन कुंडू मजबूत हैं।
विधानसभा चुनाव को लेकर शनिवार को मतदान पूरा हो गया। इस बार मतदाताओं में मतदान को लेकर मिला जुला असर देखने को मिला। आर्य पीजी कॉलेज और आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल स्थित स्ट्रांग रूम में चारों विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम रख दी गई। यहां थ्री लेयर की सुरक्षा है। आठ अक्तूबर को मतों की गणना की जाएगी। आरओ ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में मतों की गणना की तैयारी शुरू कर दी। यहां काउंटिंग टीम के साथ प्रत्याशियों के एजेंट बनाने का काम चलता रहा।
इस सीट यह स्थिति
पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र का मतदान प्रतिशत 62.2 रहा है। यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस के वरिंदर शाह और भाजपा के प्रमोद विज के बीच है। यहां निर्दलीय पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं। राजनीति विशेषज्ञों के अनुसार शहर में कांग्रेस प्रत्याशी वरिंदर शाह बढ़त बनाए हैं।
पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के महिपाल ढांडा, कांग्रेस के सचिन कुंडू और निर्दलीय विजय जैन में कड़ा मुकाबला है। यहां 69.34 मतदान प्रतिशत हुआ। निर्दलीय विजय जैन और कांग्रेस के सचिन कुंडू ने प्रचार के आखिरी दिनों में काफी मजबूती मिली है। जिसके चलते मुकाबला त्रिकोणीय पहुंच गया है।
समालखा विधानसभा क्षेत्र
में कांग्रेस के धर्म सिंह छौक्कर और भाजपा के मनमोहन भड़ाना में टक्कर है। यहां निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली भी काफी मजबूत हैं। यहां सबसे अधिक 73.23 प्रतिशत मतदान रहा है। धर्म सिंह छौक्कर को हुड्डा फैक्टर और भाजपा के टिकट से असंतुष्ट टिकटार्थियों व कार्यकर्ताओं के चलते कुछ मजबूती मिल रही है। मनमोहन भड़ाना संगठन और अपनी मेहनत के चलते मजबूत हैं। निर्दलीय रविंद्र मच्छरौली इन दोनों की टक्कर में अपनी उम्मीद लगाए हुए हैं।
इसराना विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि और भाजपा के कृष्णलाल पंवार में कड़ा मुकाबला है। यहां मतदान 70.20 प्रतिशत हुआ है। बलबीर वाल्मीकि की हुड्डा फैक्टर के चलते मजबूती देखी जा रही है। कृष्णलाल पंवार यहां से कई बार विधायक रहे चुके हैं और भाजपा में राज्यसभा सांसद हैं। जानकारों की माने तो दोनों को भितरघात का खतरा है। धरातल पर देखें तो दोनों प्रत्याशियों के खास लोग आखिरी दिनों में दूसरों के साथ नजर आए। ऐसे स्थिति में परिणाम कुछ भी आ सकते हैं। हालांकि दोनों प्रत्याशी 10-15 हजार तक की अपनी जीत को लेकर आश्वासत भी हैं।