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Panipat News: ऑनलाइन मंगवाई एलईडी डिलीवरी के समय खराब मिली , उपभोक्ता कोर्ट ने कंपनी पर लगाया 39,999 का जुर्माना

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ऑनलाइन मंगवाई एलईडी डिलीवरी के समय खराब मिली , उपभोक्ता कोर्ट ने कंपनी पर लगाया 39,999 का जुर्माना
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- कंपनी ने एलईडी बदलने से इंकार किया तो पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में दी शिकायत
- मानसिक पीड़ा देने पर कोर्ट ने कंपनी पर लगाया सात हजार रुपये जुर्माना, 5500 रुपये मुकदमा खर्च के भी देने होंगे
फोटो संख्या-15
आशु गौतम,
पानीपत। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक उपभोक्ता के मामले में फैसला देते हुए एलईडी बनाने वाली कंपनी को 39,999 रुपये का जुर्माना लगाया है। पीड़ित के मुकदमे में खर्च 5500 रुपये भी कंपनी को देने होंगे। इसके साथ उपभोक्ता को मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना पर सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। ये सभी रुपये कंपनी को 45 दिन के अंदर पीड़ित को देने होंगे। इस दौरान कंपनी के प्रतिनिधि ने अपनी तरफ से भी दलील दी थी, लेकिन कोर्ट ने पीड़ित के आरोपों को सही माना। एल्डिको निवासी अशोक कुमार धीमान ने शिकायत में बताया कि उसने 26 अप्रैल 2021 को एमआई की श्याओमी टेक्नोलॉजी कंपनी से ऑनलाइन 55 ईंच की एलईडी 39,999 रुपये में खरीदी थी। कंपनी ने 27 अप्रैल को एलईडी डिस्पैच की। डिलीवरी ब्वॉय 29 अप्रैल को उनके घर पहुंचा। टीवी बॉक्स क्षतिग्रस्त और फटा मिला। उसने डिलीवरी ब्वॉय को इसके खोलने को कहा तो उसने पहले इंकार कर दिया। उसके समझाने पर उसने बॉक्स खोला। इससे एलईडी खराब मिली और उसकी स्क्रीन भी टूटी हुई थी। उन्होंने कंपनी को इस बारे में अवगत कराया। कंपनी ने पहले इससे इंकार कर दिया, लेकिन बाद में जल्द बदलने का आश्वासन दिया। 20 अप्रैल 2021 को उसने ईमेल की, लेकिन इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। दो जुलाई को रिमाइंडर भेजा। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद उसने उपभोक्ता कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसकी मांग है कि कंपनी को टीवी बदलने या उसके रुपये वापस करने, मुकदमा खर्च के 11 हजार रुपये और मानसिक पीड़ा देने पर तीन लाख रुपये का मुआवजा की मांग की। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन जेआर चौहान ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कंपनी को 39,999 रुपये देने या टीवी बदलने के निर्देश दिए। वहीं मुकदमा खर्च के रूप में 5500 रुपये और मानसिक पीड़ा के सात हजार रुपये कंपनी ने पीड़ित को देने के आदेश दिए।
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कंपनी का इलेक्ट्रिशियन आने से पहले पेकिंग खोली- श्योओमी कंपनी ने अपनी दलील में कहा अशोक कुमार धीमान ने कंपनी का इलेक्ट्रिशियन या कोई अन्य कर्मचारी आने से पहले ही पेकिंग खोल दी। शर्तानुसार पेकिंग खोलते ही एलईडी की वारंटी खत्म हो जाती। वहीं अशोक धीमान ने अपनी तरफ से वीडियो कोर्ट में दिखाई। जिसको अदालत ने सबसे मजबूत तथ्य माना और उसके हक में फैसला सुनाया।
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