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Panipat News: बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, अभी दस तक नहीं मिलेगी राहत

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पानीपत। पिछले दो दिन तक बूंदाबांदी रहने के बाद पहाड़ी इलाकों में पड़ रही बर्फ का असर मैदानी इलाकों में नजर आया। सोमवार को दिन भर बादल छाए रहने के बाद साथ ही ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। वहीं किसान भी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि थोड़े दिन ही ओर ऐसे ही सर्दी रही तो गेहूं की पैदावार अच्छी होगी। हालांकि मौसम विभाग ने 10 फरवरी तक मौसम ठंडा रहने के आसार जताए हैं।
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जानकारी के अनुसार सोमवार को बादल छाए रहने के कारण धूप नहीं निकली। इससे अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान के घटने और 11.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शीतलहर चलने से ठिठु़रन बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञ का कहना कि आगामी कई दिनों तक रात ठंडी रहेगी जिसके कारण सर्दी का अहसास होगा।
फसलों के लाभदायक ठंड
पिछले दिनों जिस प्रकार से मौसम में गर्माहट आई थी उससे देखकर किसान खुश नहीं थे। अब दोबारा से सर्दी बढ़ने की अंदेशा के चलते किसान खुश नजर आ रहे हैं। किसान रामपाल ने बताया कि जितनी सर्दी लंबी चलेगी उतना ही अच्छा है। अगर मौसम में अभी से गर्माहट हो जाती तो गेंहू की फसल में नालियां पड़ जाती और इसका असर उत्पादन पर पड़ता। वहीं कृषि उपनिदेशक डॉ. आदित्य डबास ने कहा कि बूंदाबांदी के असर फसलों पर पड़ेगा और जिस प्रकार से ठंड हो रही हैं इसका फायदा भी मिलेगा। गेहूं की फसलों में आने वाली बीमारियों से भी छुटकारा मिलेगा।
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85 हजार हेक्टेयर में गेहूं और सात हजार में सरसों
जिले में इस बार 85 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल लहरा रही है तो वहीं पर सात हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसाें की फसल खड़ी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान इस समय गेहूं की फसलों में सिंचाई न करें क्योंकि हवाएं चलने से खड़ी फसलें गिर सकती हैं। मौसम के अनुसार फसलों में सिंचाई कर लें।
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वर्जन
मौसम विभाग के अधिकारी डाॅ. आशीष ने बताया कि 10 फरवरी तक ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। रात्रि में तापमान में ओर गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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