मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल की टीम करीब 80 लाख रुपये के सड़क घोटाले की जांच करने के लिए बुधवार शहर के वार्ड-तीन में मौके निरीक्षण करने पहुंची। टीम की अगुवाई सीएम फ्लाइंग के सब इंस्पेक्टर राज सिंह ने की। टीम में पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एसडीओ सुरेंद्र जागलान और जेई शामिल रहे। टीम ने मौके पर जांच करने से पहले निगम से संबंधित सड़क के टेंडर के दस्तावेज लेकर निगम के जेई विकास को साथ लिया। इसके बाद मौके पर जाकर दोनों सड़कों की हालत देखी और फीते से पैमाइश की। इसी बीच मौके पर ही ठेकेदार को बुलाया गया। टीम ने ठेकेदार से पूछताछ की।
सीएम फ्लाइंग के सब इंस्पेक्टर राज सिंह ने बताया कि पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की टीम से मौके पर पैमाइश कराई गई है। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
पार्षद अंजलि शर्मा ने मेयर अवनीत कौर के साथ निगम आयुक्त राहुल नरवाल को तीन माह पहले 17 मई को शिकायत दी थी। आयुक्त ने अधिकारियों की एक जांच कमेटी भी बनाई। इसी बीच सीएम फ्लांइग मौके का निरीक्षण करने पहुंच गई। पार्षद का आरोप है कि वार्ड तीन में दो सड़कों के बनाए बिना ठेकेदार को करीब 80 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस घोटाले को सड़क निर्माण के टेंडर और वर्क ऑर्डर हुए दो साल बीत चुके थे। सड़क न बनने से परेशान पार्षद ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि ठेकेदार ये सड़क बनाए बिना ही भुगतान ले चुका है। जिसकी शिकायत पार्षद ने निगम आयुक्त को दी, जिसमें संलिप्त अधिकारियों समेत एफआईआर दर्ज करवाने की मांग भी की थी।
आयुक्त को दी शिकायत में पार्षद अंजलि शर्मा ने बताया था कि 2021 में उनके वार्ड में ठेकेदार राजेश इंटरप्राइजेज को आरके पेंटर वाली गली का 49.58 लाख और सचदेवा डीलर वाली गली को 49.48 लाख रुपये का कंक्रीट से बनाने का टेंडर लगा था। दोनों का वर्क ऑर्डर सितंबर 2021 में हो गया, लेकिन ठेकेदार ने मई 2023 तक भी काम चालू नहीं किया। शक हुआ तो इसकी पड़ताल की, जिसमें मालूम हुआ कि ठेकेदार बिना काम किए ही इनका करीब 74 से 80 लाख रुपये का भुगतान ले चुका है, जिसमें ठेकेदार ने दूसरे पार्षद के लेटर हेड का भी इस्तेमाल किया था।