पानीपत। सीएम फ्लांइग करनाल और स्टेट विजिलेंस की टीम ने सोमवार को सुबह नौ बजे निगम के ताऊ देवीलाल कॉम्प्लेक्स और पालिका बाजार स्थित कार्यालय खुलते ही छापामारी की। सबसे पहले दोनों कार्यालयों में निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की हाजिरी चेक किया। इसके बाद ऑडिट, अकाउंट और सफाई शाखा के अधिकारियों से जांच पड़ताल की। टीम ने निगम की सफाई शाखा से 2009 में जब निगम, परिषद था, से लेकर 2022 तक का डेटा लिया। इसमें मुख्य रूप से 13 साल पहले शहर की सफाई कितने रुपये में होती थी और अब कितने में की जा रही है, का रिकॉर्ड तलब किया गया।
जांच में सामने आया कि 2009 में जब शहर परिषद के अंतर्गत था तो शहर की सफाई पर 30 से 40 लाख रुपये खर्च होते थे। इसके बाद 2010 में पानीपत निगम बन गया। 2016 के बाद निगम में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियम भी लागू हुए और सफाई का बजट अब चार करोड़ रुपये महीने तक पहुंच गया, जो कि 13 साल पहले के मुकाबले अब 10 गुना ज्यादा है। इस खर्च में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये शहर के चार जोन के टेंडर की सफाई का खर्च है। इसके अलावा करीब 40 लाख रुपये प्रतिमाह जेबीएम कंपनी को भुगतान किया जा रहा है। इनके अलावा करीब पांच लाख रुपये महीने शहर की सड़कों की सफाई करने वाली स्पीपिंग मशीन को दिया जा रहा है। इन सबके बाद निगम में काम करने वाले सफाई के कच्चे और पक्के कर्मचारियों की तनख्वाह अलग है।
दो माह के भीतर सीएम फ्लाइंग की यह दूसरी बड़ी रेड है। इससे पहले इसी प्रकार 14 जुलाई को सीएम फ्लाइंग निगम के दोनों कार्यालयों में रेड कर चुकी है, जिसमें कई अफसरों समेत निगम कर्मचारियों की हाजिरी चेक की गई थी। इस दौरान टीम ने निगम के सभी कार्यालयों से रिकॉर्ड खंगाला था। इससे भी दो माह पहले 10 मई को स्वयं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता भी निगम के दोनों कार्यालयों पर रेड कर चुके हैं। उन्होंने भी हाजिरी चेक करने के बाद लोगों की समस्याएं सुनी थी।
सीएम फ्लाइंग और विजिलेंस की यह रेड पानीपत के साथ सोनीपत निगम में एक साथ हुई है। इसमें पानीपत निगम के साथ समालखा नगर पालिका से भी सफाई का डेटा जुटाया जा रहा है। इसके अलावा सोनीपत नगर निगम और खरखौदा पालिका में भी दोनों टीमें संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं। माना जा रहा है कि सफाई पर होने वाले सबसे बड़े बजट को लेकर सरकार सख्त है।
दोनों टीमों का ज्वाइंट ऑपरेशन : डीएसपी
सीएम फ्लाइंग और विजिलेंस का यह ज्वाइंट ऑपरेशन है। इसमें निगम से दस्तावेज लिए जा रहे हैं। उनकी जांच की जाएगी। कार्रवाई में टेंडर डॉक्यूमेंट एक्सपर्ट की टीम साथ है। यह टीम टेंडर के दस्तावेजों और नियम व शर्तों का बखूबी ज्ञान रखती है। निगम ने सफाई के नए और पुराने टेंडर किस आधार पर दिए हैं, उनमें कौन से नियम और शर्तों को लगाया गया था कि जांच की जा रही है। लगातार शहर से सफाई संबंधित शिकायतें मिलती आ रही हैं। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
- अजीत सिंह, डीएसपी, सीएम फ्लाइंग करनाल।