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डाइंग के 20 लाख किलोग्राम कपड़ा डाइंग के लिए स्टॉक, निर्यातक चिंतित

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पानीपत। कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की ओर से कोयला संचालित उद्योगों को बंद करने के निर्देश के बाद बॉयलर बंद होने से डाइंग यूनिटों में लगभग 20 लाख किलोग्राम कपड़ा डंप हो गया है। यह कपड़ा यहां डाई कराने के लिए आया था। इससे निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। समय पर ऑर्डर पूरे न होने के कारण ऑर्डर चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान को स्थानांतरित होने की आशंका बढ़ गई है।
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सीएक्यूएम ने 30 सितंबर के बाद ही कोयला संचालित उद्योगों को बंद करने का निर्देश दिया था। कोयले से बॉयलर चलाने पर उद्यमियों को एक करोड़ रुपये जुर्माना और पांच साल कैद की चेतावनी भी दी गई है। इससे उद्यमी भयभीत हैं। डायर्स एसोसिएशन ने बॉयलर को बंद करने का फैसला कर लिया। ऐसे में डाइंग यूनिट में लगभग 20 लाख किलोग्राम माल स्टॉक हो गया है। यह माल यहां रंगाई के लिए आया था। डाइंग के बाद फिनिशिंग होकर माल पैक होना है। अब निर्यातक समय पर विदेशियों के ऑर्डर नहीं दे पाएंगे। ऐसे में उन्हें भविष्य में ऑर्डर लेने में परेशानी होने वाली है। निर्यातकों को यहां के ऑर्डर चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान स्थानांतरित होने का भी भय है। अब निर्यातक बचे माल की डाइंग एनसीआर से बाहर कराने पर भी विचार कर रहे हैं, लेकिन भाड़े के कारण ये ऑर्डर महंगे तैयार होंगे। ऐसे में उन्हें घाटे का भी खतरा है।
बायोमास पर बॉयलर चलाने से फैब्रिकडाइंग का उत्पादन दोगुना महंगा हो गया है। पिछले 15 दिनों में बायोमास के रेट सात रुपये से बढ़कर 12 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। अब फैब्रिक एसोसिएशन ने डाइंग के रेट 20 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाने का फैसला किया है। इसलिए कपड़े का रेट 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। अब 13 अक्तूबर को शुरू होने वाले आंदोलन में डायर्स, फैब्रिक उद्यमी, एक्सपोर्टर्स, धागा उद्यमी, कंबल और बेडशीट उद्यमी व कारपेट उद्यमी एकजुट हो गए हैं। दूसरी ओर उद्योग बंद होने से श्रमिकों का पलायन भी शुरू हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्योगों को निरीक्षण शुरू कर दिया है।
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उद्योग बंद होने से श्रमिकों का पलायन शुरू हो गया है। श्रमिकों को अपने रोजगार की चिंता है। रविवार से ही श्रमिकों का पलायन बढ़ा है। सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी श्रमिकों के जत्थे रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हुए हैं। श्रमिकों का कहना है कि अब वो किसी ओर जिले में जाकर रोजगार देखेंगे।
पूर्वांचल कल्याण समिति के अध्यक्ष सुमन झा ने श्रमिकों से अपील की है कि वो यहां से पलायन न करें। उद्यमी उनके साथ है। श्रमिकों को उद्यमियों के साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में भाग लेना चाहिए। इस कठिन समय में उद्यमी श्रमिकों के साथ खड़े हैं।
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