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Panipat News: यमुना में फिर उफान, साथ लगते गांवों में 40 किलोमीटर तक हाईअलर्ट

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फोटो-37 से 40 ,86
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-करीब ढाई लाख क्यूसिक छोड़ा पानी देर रात पानीपत पहुंचा

-यमुना शनिवार शाम तक खतरेके निशान 230.31 मीटर से थोड़ा नीचे बह रही थी
-पिछली बार तामशाबाद व नवादा आर के पास यमुना टूट गई थी
-किसानों व ग्रामीणों की चिंता बढ़ी

-रविवार सुबह तक पानीपत पहुंच जाएगा यमुना का बढ़ा पानी
-इधर आसमान में बादलों के छाए रहने से लोगों की चिंता बढ़ी
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत/बापौली। यमुना फिर से उफान पर आ गई। हथिनीकुंड बैराज ने शनिवार सुबह छोड़ा करीब ढाई लाख क्यूसिक पानी देर रात को जिले की सीमाओं में पहुंच गया। इसके साथ आसपास के ग्रामीणों व प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं का पूरा दिन यमुना व इसकी तलहटी में बसे गांवों में जमावड़ा लगा रहा। वहीं ग्रामीणों ने यमुना में पानी आने की सूचना पर खेतों से पशुओं के लिए हरा चारा जमा कर लिया। यमुना के साथ लगते करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र के गांवों में हाईअलर्ट जारी कर दिया है। गांवों में मुनादी कराकर किसी भी ग्रामीण के यमुना की तरफ न होने की हिदायत दी गई है। वहीं प्रशासन ने भी यमुना पर गश्त बढ़ा दी है।
पिछले दिनों अधिक पानी आने से तामशाबाद व नवादा के पास यमुना टूट गई थी। करीब दो दर्जन गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया था। प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद कटाव को तीन दिन पहले ही बंद किया था। शनिवार शाम तक यमुना 229.90 मीटर पर बह रही है। इसका चेतावनी स्तर 230 मीटर व खतरे का निशान 231.50 मीटर है। देर रात को यमुना में पानी का स्तर एक साथ बढ़ने लगा। यह खतरे के निशान की तरफ तेजी के साथ बह रही है। एसडीएम पानीपत वीरेंद्र कुमार ढुल व एसडीएम समालखा अमित कुमार ने शनिवार को यमुना के तटबंधों का दौरा किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत की और कटों को मजबूत बनाने के आदेश दिए।
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मशीनरी के साथ लोगों की ड्यूटी लगाई
प्रशासन ने पिछले दिनों टूटी यमुना के प्वाइंटों पर अतिरिक्त ध्यान दिया है। यहां हर स्थान पर तीन पोकलेन मशीन और 50 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी दिन रात यहां तैनात रहेंगे। उनकी समय-समय ड्यूटी बदली जाएगी। इसके साथ यमुना के साथ लगते गांवों में मुनादी करा दी है। ग्रामीणों को यमुना की तरफ न जाने देने और किसी प्रकार की घटना पर सूचना तुरंत देने की बात कही है। कई गांवों के सरपंचों ने ग्रामीणों को साथ लेकर ठिकरी पहरा शुरू कर दिया है।


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लोगों ने खाने का सामान व चारा जुटाया
यमुना के साथ लगते करीब दो दर्जन गांवों में हाई अलर्ट कर दिया है। स्थानीय लोगों ने इन सबको देखते हुए पिछले तीन दिन में खाद्य सामग्री के साथ पशुओं का चारा जमा कर लिया है। रामड़ा आर निवासी इरफान ने बताया कि पिछले दिनों पशुओं के चारे की कमी पड़ गई थी। शनिवार सुबह परिवार के साथ खेतों में पहुंचा और बड़ी मात्रा में चारा लेकर आया है। वह अब कई दिन तक आराम से पशुओं का चारा खिलाएगा। सूखा चारा घर में पहले से ही स्टॉ किया हुआ है।


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कई गांवों में आई फ्लू व बुखार फैला
यमुना के साथ लगते कई गांवों में बीमारी तेजी से फैल रही हैं। लोगों में आई फ्लू व बुखार समेत त्वचा से संबंधित रोग लगे हैं। इन सबके बीच स्वास्थ्य विभाग ने कई गांवों में ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांचा। उनको दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी है। सनौली क्षेत्र के सात गांव प्रत्यक्ष समेत 17 गांव बाढ़ में प्रभावित हुए हैं। सिविल अस्पताल में आंखों की ओपीडी बढ़कर दो सौ तक पहुंच गई है। चिकित्सकों ने बताया कि आंखें लाल होना वायरल संक्रमण का लक्षण होता है।

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जजपा नेता देवेंद्र कादियान ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का किया दौरा
जजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र कादियान शनिवार को यमुना के साथ लगते कई गांवों का दौरा कर ग्रामीण से रूबरू हुए। वे गांव राणा माजरा, गढ़ी बेशक, पत्थरगढ़,नवादा आर -पार, तामशाबाद व सनोली खुर्द में पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों की आजीविका में परेशानी आई हैं। ग्रामीणों व किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पिछले दिनों स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। सरकार ने 15 हजार ररुपये प्रति एकड़ मुआवजा किसानों को देने का फैसला लिया है। यह राशि जल्द ही किसानों के बैंक खातों में आएगी। मकान, दुकान की क्षतिपूर्ति भी की जाएगी। इस मौके पर योगेश त्यागी, बिजेंद्र फोर, अब्बास, जोगिंद्र, खुर्शीद, बिलाल चौधरी मौजूद रहे।
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आप जिलाध्यक्ष ने मुआवजा 50 हजार करने की मांग
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश चुघ और प्रदेश संयुक्त सचिव सुखबीर मलिक ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांव नवादा आर, नवादा पार, पत्थगरढ़ व राणा माजरा का दौरा किया। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी है। ग्रामीणों में वायरल, एलर्जी, गला खराब और आखों की बीमारी आ गई हैं। यह सब सरकार की अनदेखी के चलते हुआ है। सरकार समय रहते तटबंध मजबूत बनाती तो लोगों की फसल बर्बाद नहीं होती। कई गांवों की टूटी सड़कों को आज तक ठीक नहीं कराया जा सका है।
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