पानीपत। एंटी करप्शन ब्यूरो की करनाल व पानीपत की संयुक्त टीम ने नगर निगम की पालिका बाजार स्थित संपत्ति कर शाखा के एक क्लर्क को आठ हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी ने शहर के एक युवक से संपत्ति कर की त्रुटि ठीक करवाने के लिए 12 हजार रुपये की मांग की थी। एसीबी टीम ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपी क्लर्क अजय कुमार का काम संपत्ति कर की त्रुटि वाली फाइलों पर आपत्ति दर्ज करने का था। इसके लिए आरोपी कर्मचारी को निगम की कर शाखा के कमरा नंबर एक में हेल्प डेस्क पर बैठता था। आरोपी हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत समालखा नगर पालिका में भर्ती हुआ था। करीब दो साल पहले नगर निगम पानीपत में भेजा गया था। वह पिछले करीब एक साल से इस सीट पर था। इस सीट पर नि:शुल्क आपत्ति दर्ज करवाने के लिए आने वाले शहरवासियों का शॉर्ट कट तरीके से काम करवाने के चक्कर में आरोपी धरा गया।
एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर हेमराज ने बताया कि आरोपी कर्मचारी अजय कुमार ने पानीपत के पूरेवाल कॉलोनी निवासी महेंद्र कुमार से उसकी प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटि को ठीक करवाने के लिए आठ हजार रुपये की मांग की थी। महेद्र ने कोई प्लॉट लिया था। जिसकी प्रॉपर्टी आईडी उसे अपने नाम करानी थी। इसकी एवज में महेंद्र से 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जिसकी महेंद्र कुमार ने एसीबी को शिकायत दी। इसके आधार पर एसीबी करनाल और पानीपत ने शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पालिका बाजार निगम कार्यालय में दबिश दी। यहां से आरोपी कर्मचारी को रिश्वत के आठ हजार रुपये के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। करीब साढ़े तीन बजे एसीबी टीम आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर चली गई। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट काडा (सीएडीए) के एसडीओ धर्मेंद्र भी रहे।
एसीबी की रेड से पालिका बाजार के अन्य सभी कर्मचारियों में खलबली मच गई। संपत्ति कर शाखा के अधिकांश कर्मचारी कार्यालय छोड़ गए। कोई निगम आयुक्त की बैठक में पहुंचा तो कोई बाहर निकल गया। चर्चा रही है कि आरोपी कर्मचारी ने कई अन्य कर्मचारियों के नाम भी लिए हैं। ये भी चर्चा है कि एसीबी टीम के पास आरोपी कर्मचारी की ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे सबूत भी मिले हैं। जिनमें आरोपी कर्मचारी पैसों की मांग कर रहा है। एसीबी इस मामले में संलिप्त अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है। चूंकि आरोपी का काम सिर्फ आपत्ति दर्ज करना था। इन आपत्तियों को सही करने का काम दूसरे कर्मचारियों का था। जिनसे आरोपी सांठगांठ कर ठीक करवाने के लिए रिश्वत लेता था।
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एसीबी इंस्पेक्टर हेमराज ने बताया कि एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो, एसपी समिति चौधरी के निर्देशों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाया जा रहा है। इसी के तहत निगम के कर्मचारी अजय कुमार को आठ हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोगों से अपील है कि भ्रष्टाचार की शिकायत एसीबी के टोल फ्री नंबर 01800-180-2022 व 1064 पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा वाट्सएप नंबर 94178-91064 पर भी भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत दिया जा सकता है।