पानीपत। सेक्टर 11-12 में पिछले दस सालों से बरसाती नालों और पाइपलाइन की सफाई नहीं हो सकी। जिससे बरसाती पानी सेक्टर 11 की सड़कों पर जमा होने लगा है। वहीं, पिछले पांच साल से सेक्टरों की सीवरेज सिस्टम की भी सफाई नहीं हुई। जिससे सीवरेज ब्लॉक पड़े हैं और सीवर का गंदा पानी लोगों के घरों में बैक मार रहा है। इस काम को करने में जब निगम और एचएसवीपी अधिकारी फेल साबित हुए तो शहरी विधायक और निवर्तमान पार्षद ने इसके समाधान की गुहार डीसी को शिविर में लगाई। जिस पर डीसी ने एचएसवीपी अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में स्ट्रॉम वाटर पाइपलाइन और सीवरेज की सफाई नहीं कराई गई तो वे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा देंगे। डीसी की चेतावनी के बाद एचएसवीपी अपने ब्लॉक सीवरेज लाइन को खोलने पर जुटा हुआ है तो निगम अपनी स्ट्रॉम वाटर पाइलाइन को खोलने की तैयारी कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि सेक्टर 11 में पांच ब्लॉक में करीब 800 घर हैं। इनमें रहने वाले लोग गंदे पानी की निकासी से पिछले करीब दस सालों से परेशान थे। चूंकि सीवरेज और बरसाती पाइपलाइन की सफाई न होने से ये चोक हो चुके थे। डीसी की चेतावनी के बाद एचएसवीपी ने सीवरेज की सफाई तो शुरू करवा दी लेकिन अब तक महज केवल एक ब्लॉक में से आधे ही ब्लॉक की सफाई हुई है। जबकि निगम अधिकारी स्ट्रॉम वाटर पाइपलाइन को खोलने के लिए प्रयास कर रहे हैं। निवर्तमान पार्षद रविंद्र भाटिया ने बताया कि सेक्टर 11 में सरकारी स्कूल के पास पानी भरा हुआ था। यहां स्ट्रॉम वाटर और सीवर लाइन ब्लॉक पड़ी थी। जिससे गंदा पानी सड़क पर भरा हुआ था। शिकायत के बाद एचएसवीपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके साथ निगम अधिकारी भी पहुंचे। जिन्होंने मौके पर ही पाइपलाइन की सफाई कराई। जिससे कुछ निकासी हो सकी और कुछ अभी बाकी है।