पानीपत।
नगर निगम ने शहर की सफाई की जिम्मेदारी तीन एजेंसिंयों को दी है। इनको हर माह करोड़ों रुपये का भुगतान भी किया जा रहा है। बावजूद अब तक शहर की सफाई सही तरीके से नहीं हो पाई है। शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। पुराने शहर में तो हालात बदतर हो चुके हैं। बाजार में सफाई की व्यवस्था अत्यंत दयनीय है। जिससे बाजार में आवागमन करने वाले शहरवासियों के साथ दुकानदार और बाजार प्रधान तक परेशान हैं। वहीं, पुराने शहर में रहने वाले लोग गंदगी से ज्यादा परेशान हैं।
बता दें कि शहर के हर घर से कूड़ा उठान की जिम्मेदारी जेबीएम कंपनी के पास है। इसके लिए निगम हर माह जेबीएम को करीब 20 से 25 लाख रुपये का भुगतान करता है। इसके अलावा बाकी शहर को चार जोन में बांट कर दो एजेंसियों पूजा कान्सूलेशन और आईएनडी को सफाई की जिम्मेदारी दी गई है। इनको निगम हर माह करीब तीन से साढ़े तीन करोड़ रुपये का भुगतान करता है। जिसमें इन एजेंसियों को नालियों की सफाई, नालियों की गाद उठाने का काम, शहर की सड़कों पर झाडू लगाने का काम भी करना होता।
शहर में विशेष तौर पर बाजारों की सफाई को लेकर बाजार प्रधान, पार्षद, मेयर आमने सामने तक हो चुके हैं। एक ओर मेयर जेबीएम के कूड़ा उठान न करवाने को लेकर उनके भुगतान को रोकने के आदेश तक दे चुकी है तो दूसरी ओर शहर के ज्यादातर पार्षद उनके काम से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। जिसे लेकर वे निगम आयुक्त और मेयर को संतुष्टि पत्र तक दे चुके हैं। जिससे सफाई व्यवस्था पर जनप्रतिनिधियों में विवाद तक गहरा चुका है।
सदन में होगा सफाई पर घमासान, पार्षदों ने की तैयारी
अब शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सदन की बैठक में भी हंगामा होने के आसार हैं। पार्षद अपने मुद्दों में सफाई को अहम मुद्दा बना चुके हैं। यहां तक स्वयं सफाई कमेटी के अध्यक्ष संजीव दहिया भी शहर की सफाई से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा वार्ड पार्षद अशोक कटारिया और रविंद्र भाटिया शहर की सफाई के मुद्दे पर निगम अधिकारियों से जवाब तलब करने की तैयारी तक कर चुके हैं।
यहां मिले बुरे हाल
शहर में वार्ड आठ और नौ के बाजारों और रिहायशी एरिया में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। सनौली रोड पर भी गंदगी के हालात बने हैं। सेक्टर-11 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, वार्ड 11 में कुटानी रोड का एरिया गंदगी से भरा है। वार्ड 16 के विकास नगर में सड़क किनारे कूड़े के ढेर पड़े रहते हैं। वार्ड 15 में नालों की सफाई न होने से यहां ब्लॉकेज रहती है। वार्ड दो के नूरवाला में सफाई की पूरी तरह से अव्यवस्था है। वार्ड तीन,चार और पांच के हालात भी असामान्य हैं। यहां की कई काॅलोनियों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
शहर में नियमित हो रही सफाई : निगम
शहर में नियमित रूप से सफाई हो रही है। सफाई एजेंसी काम भी कर रही हैं। इसके अलावा अगर कहीं से गंदगी या कूड़े की शिकायत मिलती है तो वहां भी तुंरत प्रभाव से सफाई करवा दी जाती है।
जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।