पानीपत। औद्योगिक नगरी गजानन के स्वागत को तैयार हो गई है। घरों से लेकर मंदिरों तक विशेष आयोजन की तैयारी शुरू कर दी गई है। सामूहिक कार्यक्रम भव्य बनाने के लिए पंडाल सजने लगे हैं। गणेश भगवान की मूर्तियां शहर में पहुंच गई हैं। करीब एक दर्जन स्थानों पर मूर्तियां अलग-अलग आकार की हैं। लोगों का यहां सुबह से लेकर शाम तक जमावड़ा रहता है। बता दें कि शहर में तमाम स्थानों पर लोग व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से गणपति बप्पा को स्थापित कर पूजते हैं।
प्रतिमा स्थापना की तैयारी को लेकर लोग मंदिर, घरों और पंडालों को सजाने में लगे हैं। इसके साथ मिठाई की दुकानों पर गणेश भगवान का विशेष भोग लड्डू अलग-अलग आकार में बनाकर तैयार किया गया है। गणेश भगवान की मूर्ति को लेकर सेक्टर-25 में विशेष रूप से दुकानें सजाई गईं हैं। चूने, मिट्टी के गणपति छोटे से लेकर आठ से 10 फीट तक के हैं। सजावट के लिए बाजार में ग्रीन तोरण, मोगरा तोरण, गुलाब तोरण, गेंदा तोरण, गुलाब मेट, घास मेट, गेंदा रिंग, गुलाब हार, मोती हार व आर्टिफिशियल बेल के साथ कई तरह के फूलों के तोरण तैयार हैं। इनकी कीमत 100 से पांंच सौ रुपये तक है।
शहर में गणेश भगवान की स्थापना को लेकर 19 सितंबर को वृश्चिक स्थिर लगन है। पंं. राधे-राधे महाराज ने बताया कि चतुर्थी तिथि 18 सितंबर को दोपहर बाद 12:40 बजे शुरू होगी। यह 19 सितंबर को 1:45 बजे तक रहेगी। गणेश स्थापना का सही समय 19 सितंबर को सुबह 10:54 से दोपहर बाद 1:10 बजे तक रहेगा। यह सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त होगा।
गणेशजी के विशेष आसन तैयार किए गए हैं। भक्तों की मांग पर आसन को तरह-तरह की सामग्री से सजाया जा रहा है। हर आसन दूसरे से अलग है। व्यापारियों ने बताया कि श्रीजी की प्रतिमा के अनुसार विशेष डिजाइन तैयार कर रंगों का ध्यान रखा गया है। आसन की कीमत एक हजार से शुरू होकर पांच हजार रुपये तक है। इसके साथ गणेश की सजावट के लिए भी लोग तैयार हैं।