मतलौडा। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बल की स्वीकृत संख्या को 1.62 लाख से बढ़ाकर 2.20 लाख किया जाएगा। जिससे आने वाले समय में थर्मल पावर प्लांट, हवाई अड्डे, मेट्रो, परमाणु संयंत्र, जेल और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा को और पुख्ता किया जा सकेगा। पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में तैनात सीआईएसएफ यूनिट इंचार्ज डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार ने बताया कि बढ़ती औद्योगिक परियोजनाओं और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उनका कहना है कि खासकर जम्मू-कश्मीर की जेलों, बड़े बिजली संयंत्रों और प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में बल की तैनाती बढ़ाकर किसी भी सुरक्षा चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 13,230 जवानों की भर्ती हुई थी। जबकि 2025 में यह संख्या 24098 तक पहुंच जाएगी। इसके बाद हर साल करीब 14 हजार नए जवान सीआईएसएफ में शामिल किए जाएंगे। महिलाओं को बल में अधिक अवसर देने के लिए विशेष भर्ती नीति लागू है। जिससे उन्हें हर स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलेगा। डीसी मनोज कुमार ने बताया कि बीते वर्ष सीआईएसएफ ने सात नई इकाइयों की स्थापना की थी। जिनमें संसद भवन परिसर, अयोध्या एयरपोर्ट, हजीरा और पुणे के राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान, बदरपुर और एटा के जल विद्युत संयंत्र शामिल हैं। भविष्य में भी और कई अहम बिजली व औद्योगिक परियोजनाओं में नई तैनाती की जाएंगी। संवाद