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Panipat News: पढ़ाई संग बच्चों काे सिखाया जाएगा सलीका

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करनाल। जिले के प्रत्येक खंड में निपुण विद्यालय बनाए जाएंगे। इससे बच्चों को पढ़ाई संग जीवन को भी निपुण बनाने में मदद मिलेगी जिसमें सभी आयामों पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। निपुण विद्यालयों में एफएलएन (मूलभूत साक्षरता और अंक ज्ञान) के सभी मानक प्रभावशाली रूप से लागू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य छोटे बच्चों को स्कूल में प्राथमिक शिक्षा का बेहतर ज्ञान देना है।
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विभाग का सभी बच्चों को निपुण बनाने का लक्ष्य है। उनको पहाड़े, जोड़-घटा, भाग, गुना, हिंदी-अंग्रेजी के सामान्य शब्दों का ज्ञान, स्कूल ड्रेस अच्छी तरह पहनना, अपने शरीर की सफाई रखने आदि सलीके सिखाए जा सकें।

इस योजना का मुख्य मकसद सभी प्राइमरी कक्षा में छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन करके उनके संख्यात्मक और साक्षरता के बुनियादी शिक्षा स्तर को मजबूत करना है। ऐसा इसलिए है कि क्योंकि आज भी कई ऐसे बच्चे हैं जो बेसिक न क्लियर होने के कारण आगे पढ़ाई में कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में इन छात्रों के मानसिक विकास के लिए इस योजना को शुरू किया गया है।
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शिक्षा विभाग द्वारा निपुण हरियाणा मिशन के तहत राज्य के प्राथमिक शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करवाया गया था, ताकि प्राथमिक शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के तहत विद्या प्रवेश कार्यक्रम का प्रशिक्षण मिल सके और वे इस कार्य में निपुण हो सकें। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति- 2020 लागू कर दी है। इस नई शिक्षा नीति से प्राथमिक स्कूलों के अध्यापकों को अवगत कराने के उददेश्य से प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत राज्य के प्राथमिक शिक्षकों के लिए आयोजित की गई थी। शिक्षा विभाग ने इसे विद्या प्रवेश का नाम दिया है जिसमें नई शिक्षा नीति के सभी बिंदुओं पर प्रकाश डाला जाएगा।

पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने को लेकर पांच जुलाई 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निपुण भारत अभियान का शुभारंभ किया था। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 30 जुलाई 2022 को निपुण हरियाणा प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 2026 तक पहली से तीसरे कक्षा तक के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देकर उनको संख्या ज्ञान, नाप-तोल के साथ-साथ बातचीत करने की स्किल में निपुण बनाना है।

निपुण विद्यालय में मिलेंगे ये लाभ

बच्चों के लिए व्यायाम और खेल, स्वच्छता के पहलू के साथ ही खिलौनों आदि की व्यवस्था की जाएगी। सामाजिक व भावनात्मक प्रगति पर ध्यान रखा जाएगा। बच्चों की कहानियां बनाने, विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट एवं टास्क करने, भौतिक वातावरण को समझने से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे। गणित कौशल, गणितीय तकनीक, मापन, आकार एवं स्थानिक समाज, पूर्व संख्या अवधारणाएं नंबर एंड ऑपरेशन ऑन नंबर, पैटर्न आदि के बारे में सिखाया जाएगा।



वर्जन-

हर खंड में बनाए जाएंगे विद्यालय

हर खंड में सभी को निपुण विद्यालय बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। निपुण मॉडल स्कूल ऐसे होंगे जिसमें एफएलएन के सभी मानक प्रभावशाली रूप से लागू किए जाएंगे।
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- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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