यमुनानगरी। सड़क पर यात्रा करते वक्त आपने बोर्ड देखा होगा, जिसमें लिखा होता है- दुर्घटना से देर भली, मगर इसकी अनदेखी आए दिन हादसों का सबब बन रही है। सोमवार की महाराणा प्रताप चौक पर हुई घटना भी यही बयां कर रही हैं। यहां भी जल्दी में बाइक सवार ने रेड लाइट जंप करने का प्रयास किया और स्कूली बच्चों के ऑटो से टकरा गया। हादसे में वह खुद तो चोटिल हुआ, साथ ही आठ साल की मासूम छात्रा हिमानी की भी जान चली गई।
यही नहीं वाहन में बच्चों को ठूंस-ठूंस कर स्कूल से ले जाया और लाया जा रहा है, जो कई बार हादसे का सबब बन जाती है। हैरत की बात है कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 900 वाहन रजिस्टर्ड हैं जबकि इनमें से 200 ऐसे हैं जिनका परमिट नहीं या फिर रिन्यू नहीं कराया गया है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की ओर से सुध नहीं ली जा रही है।
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण अधिकारी आईएफएस हैरतजीत कौर ने बताया कि प्रत्येक बस की चेकिंग का अलग-अलग प्रोफार्मा तैयार किया जा रहा है ताकि स्कूली बसों में यदि कोई खामी पाई जाए तो उसे दुरुस्त करवाया जाए। इन सभी स्कूली बसों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया, जिसकी रिपोर्ट भेजी जा रही है। जो दुर्घटना महेंद्रगढ़ स्कूली बस के साथ घटी है, वह कहीं और न हो, उसके लिए सभी स्कूली बसों को जांचा परखा जा रहा है, जो बसें कंडम हो चुकी, उन्हें रूट पर नहीं उतारा जाएगा। यदि चेकिंग के दौरान ऐसा कुछ पाया गया तो बस मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।