राजकीय विद्यालय सिठाना में राज्य स्तरीय युवा ग्राम पंचायत प्रतियोगिता का आयोजन, 50 बच्चों ने निभाई पंचायत की अलग-अलग भूमिकाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिठाना में शुक्रवार को राज्य स्तरीय युवा ग्राम पंचायत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ये प्रतियोगिता राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम के तत्वावधान में की गई। इसमें विद्यालय के 50 बच्चों ने पंचायत में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। इसमें प्रीति ने सरपंच, अर्जुन ने ग्राम सचिव और अंशल, आरजू, कर्ण, अमन, वंदना व सिमरन पंचायत सदस्य की भूमिका निभाई। इस दौरान सरपंच और पंचों ने गांव के प्रमुखमुद्दों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में 50 मिनट तक ग्राम सभा की बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और समाधान किया। कृषि विभाग से एडीओ कोमल ने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दी। तमन्ना ने पशुधन विकास बोर्ड की विभिन्न योजनाओं बारे बताया। पारस ने बिजली बोर्ड की समस्याएं सुनी और विभाग की सौर ऊर्जा संबंधित योजना की विस्तार से जानकारी दी। वकील मंजू ने कानूनी साक्षरता तथा महिलाओं, बच्चों के अधिकारों बारे सरलता से समझाया। जन स्वास्थ्य विभाग से जेई अंसल ने पानी बारे जागरूक किया तथा बरसात के पानी से भूमिगत जल रिचार्ज करने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर स्वाति ने आजकल बढ़ रही बीमारियों पर चर्चा करते हुए खान-पान तथा जीवन शैली बारे जागरूक किया। आपदा प्रबंधन जैसे आग लगने, पानी में डुबने, सांप के काटने पर हमें क्या क्या करना चाहिए, इस पर ग्रामीणों ने चर्चा की। नए जमाने के अपराध साइबर क्राइम पर हिमांशी ने हैकर के खतरों के बारे में जानकारी दी। एससीईआरटी गुरुग्राम से जज डाॅ. कृष्ण पाल और डॉ. स्नेह मान उपस्थित रहे। उन्होंने युवा पंचों और ग्रामीणों की बहुत अच्छी भूमिका निभाने के लिए प्रशंसा की। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम जिला के लिए गौरव का विषय है। सांसद संजय भाटिया के पुत्र चांद भाटिया ने बच्चों का हौसला बढ़ाया। स्क्रिप्ट लेखन राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक नरेंद्र मान और बच्चों का प्रशिक्षण अंग्रेजी प्राध्यापक विपिन कुंडू ने कराया। इस मौके पर सरपंच सतनाम सिंह, प्रधानाचार्य सुमेर, अनिल कुमार, डाइट पानीपत से विशेषज्ञ लक्ष्मी नारायण, प्राध्यापक प्रदीप बैनीवाल, विनोद कुमार, दिलावर बांगड़ व बिंदू मौजूद रहे।