पानीपत। सिवाह गांव के पास नहर में कार गिर गई। कार में सवार दो निजी कंपनियों के प्रबंधक भाइयों ने कार का पीछे का शीशा तोड़कर बाहर निकलकर जान बचाई। दोनों भाइयों को तैरना नहीं आता था। लोगों ने इन्हें हौसला दिया और रस्सी व शॉल के जरिए इन्हें नहर से बाहर निकाला। ये हादसा जीरो दृश्यता, नहर किनारे रिफ्लेक्टर , रेलिंग और कोई सूचकांक न होने के कारण हुआ है।
धुंध में कार सवारों को नहर दिखाई नहीं दी। जैसे ही कार चालक ने ब्रेक लगाए कार फिसलते हुए नहर में जा गिरी। लोगों ने इन्हें बाहर निकालकर डायल 112 पर कॉल कर हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार सवारों के बयान दर्ज किए और तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार को नहर से बाहर निकाला।
मॉडल टाउन निवासी अभिषेक वर्मा ने बताया कि वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। वो पुलिस लाइन के पास देवगिरी कंपनी में बतौर क्वालिटी मैनेजर कार्यरत है। उसका छोटा भाई हैंड फेब कंपनी में प्रबंधक है। वो दोनों भाई साथ ही रहते हैं और एक साथ कार में ड्यूटी पर जाते हैं। वो मंगलवार सुबह रिफाइनरी बाइपास से होते हुए रोहतक बाईपास से अपनी अपनी कंपनी में जा रहे थे। सिवाह गांव के पास जब उन्होंने रोहतक बाईपास पर चढ़ने के लिए कार मोड़ी तो उन्हें धुंध में कुछ दिखाई नहीं दिया। यहां पर न तो किसी प्रकार के रिफ्लेक्टर थे और न रेलिंग व सूचकांक। कार नहर की पटरी पर चढ़ गई। जब उसने ब्रेक लगाए कार फिसलकर नहर में गिर गई। उसने सीट बेल्ट खोलकर अपनी बेल्ट के हुक से कार का पीछे वाला शीशा तोड़ा और दोनों भाई कार से बाहर आए। इस दौरान लोग चिल्लाकर दोनों भाइयों को नहर में तैरने के लिए हौसला देते रहे। दोनों को तैरना भी नहीं आता था लेकिन लोगों से मिल रहे निर्देशों के मुताबिक वो हाथ पैर मारकर नहर के किनारे तक पहुंच गए। फिर लोगों ने रस्सी व शॉल के जरिए इन्हें नहर से बाहर निकाल लिया। उसने तैर कर अपने छोटे भाई को भी बाहर निकाला। इस दौरान कार नहर में बह गई। उन्होंने बाहर आकर पुलिस व परिजनों को इसकी सूचना दी। 15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने यहां पहुंचकर उनके गीले कपड़े बदलवाए।
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गिर चुकी हैं यहां तीन गाड़ियां
सिवाह गांव के पास नहर किनारे रेलिंग व सूचकांक नहीं है। धुंध में यहां अक्सर हादसे होते हैं। धुंध में नहर दिखाई नहीं देती। जैसे ही वाहन चालक रिफाइनरी बाइपास से रोहतक बाइपास पर चढ़ने के लिए वाहन मोड़ते हैं तो उनके नहर में गिरने का भय बढ़ जाता है। यहां किसान आंदोलन में कैथल के किसानों की कार भी गिर गई थी। इसमें दो युवकों की मौत हो गई थी। 2022 में एक और कार चालक की ऐसे ही मौत हो गई थी लेकिन हादसे होने के बाद भी प्रशासन ने यहां पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
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दोनों युवक सुरक्षित हैं- एसएचओ
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। दोनों युवकों को लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया था। कार भी निकाल ली गई है। यहां रेलिंग लगवाने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखेंगे।
बलराजत सिंह, प्रभारी इसराना पुलिस थाना