पानपीत। बुधवार सुबह सात बजे से रात साढ़े नौ बजे तक प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद रही। सरपंचों की जीत उनके समर्थक पंच प्रत्याशियों पर निर्भर करती रही। हर प्रत्याशी का एजेंट वोटिंग रूम में मौजूद था। किसी भी प्रत्याशी ने अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। काउंटिंग रूम के बाहर प्रत्याशियों के खास समर्थक मौजूद रहे।
समर्थक इशारे में कर्मचारियों से प्रत्याशियों की वोट के बारे में पूछते रहे। वार्ड दर वार्ड वोटों की गिनती के अनुसार प्रत्याशियों के हाव भाव खुशी गम में बदलते रहे। कई प्रत्याशियों की किस्मत अंतिम वार्ड की वोटों की गिनती ने बदल दी। जीत के बाद प्रत्याशियों ने व्हाट्सअप स्टेट्स लगाकर खुशी का इजहार किया और लोगों को अपनी जीत की जानकारी दी। फेसबुक पर भी प्रत्याशियों को जीत की शुभकामनाएं मिलती रहीं।
हर प्रत्याशी ने चुनाव में वोटर की सुविधा के लिए अलग अलग टीमें बनाई थी। प्रत्याशियों ने वोटर को जल्द से जल्द केंद्र पर पहुंचाने के लिए बाइक टीम का गठन किया था। ये बाइकों का काफिला गांव गांव घूमकर अपने वोटरों को केंद्रों तक पहुंचाया गया। जो वोटर गांव छोड़कर शहर में रहने लगा उसको कारों से मतदान केंद्र तक लाया गया। गांव की गलियों में बुजुर्गों की सुविधाओं के लिए ऑटो खड़ी की गई थी।
मंगलवार की रात को सरपंच और पंच प्रत्याशियों ने अपना अपना अंतिम दांव चला। पंच प्रत्याशियों ने सरपंच से उनके समर्थकों की वोट मांगी। इसके बाद पंच ने अपने परिवारों की वोट सरपंच प्रत्याशी को देने का आश्वासन दिया। रात भर आंकड़े बदलते रहे। कई प्रत्याशियों की ये चाल कामयाब भी हुई।