पानीपत। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब बुधवार को जिले की 177 ग्राम पंचायतों के सरपंच और पंच पदों के लिए चुनाव होंगे। आचार संहिता के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे के बाद सरपंची और पंच का चुनाव प्रचार बंद हो गया। हालांकि प्रत्याशी और उनके समर्थक सोशल मीडिया पर लोगों से वोट की अपील जरूर करते रहे। इसके लिए सभी प्रकार के सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सहारा लिया जा रहा है। इस पर पोस्टर, फोटो और वीडियो बनाकर शेयर की जा रही हैं।
जिले में कुल 198 गांव हैं, लेकिन पंचायत चुनाव केवल 178 गांवों में होना था। जिले के 20 गांव आज भी दूसरे गांव की ग्राम पंचायतों पर निर्भर हैं। 178 में से एक पंचायत पहले ही निर्विरोध चुनी जा चुकी है। अब 177 ग्राम पंचायतों का चुनाव दो नवंबर को सुबह सात से शाम छह बजे तक चलेगा। इसमें जिले के 4.57 लाख मतदाता एक बार फिर से अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके परिणाम भी दो नवंबर को ही घोषित कर दिए जाएंगे। इसे लेकर सभी प्रत्याशियों ने प्रचार के अंतिम दिन सोमवार को अपनी पूरी ताकत चुुनाव में झोंकी।
पंचायती राज संस्थाओं के तहत कराए जा रहे आम पंचायत चुनाव में सरपंच पद के 823 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि पंचों के लिए 3143 सदस्य चुनाव में भागीदारी दर्ज करवा चुके हैं। इनमें से पंच पद के 1090 उम्मीदवार, सरपंच पद का एक उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुका है। इनमें पंच के 534 पुरुष और 556 महिला उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि सरपंच के लिए एक पुरुष उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुआ है। अब शेष 2053 पंच और 822 सरपंच पद के उम्मीदवारों के बीच मुुकाबला होगा।
मतलौडा खंड के अहमदपुर माजरा गांव के रमेश निर्विरोध सरपंच चुने गए हैं। इस गांव की पूरी पंचायत इस चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुई है। इसके अलावा पंच पदों में खंड बापौली के 55 पंच, इसराना में 255, मतलौडा में कुल 229, पानीपत में 172 और समालखा में 247 निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनके अलावा खंड सनौली खुर्द में भी निर्विरोध 132 उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं।