पानीपत। नगर निगम कार्यालय में प्राॅपर्टी टैक्स की त्रुटियां ठीक करवाने के लिए लगाए कैंप में अधिकांश लोगों की समस्याओं का समाधान तो दूर पीने को पानी तक नहीं मिला। लोगों को गर्मी में इधर से उधर भटकना पड़ा। निगम अधिकारियों ने ऑनलाइन 293 आवेदन आने और 150 का समाधान करने का दावा किया। दूसरी तरफ करीब 56 आवेदन गलत प्रॉपर्टी आईडी जोड़ने के रहे। इनमें से 51 का तुंरत समाधान किया गया। इसी तरह एडमिन आईडी से 55 ऑफलाइन आवेदनों को भी समाधान हो सका है। यहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। पूरा दिन कर्मचारी काम पर लगे रहे।
उल्लेखनीय है कि भयंकर गर्मी में कैंप में पीने का पानी की व्यवस्था न होने के कारण ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स में भयंकर गर्मी होने की वजह से लोग परेशान दिखाई दिए। कैंप में ज्यादातर शिकायतें गलत प्रॉपर्टी आईडी लिंक होने की वजह से जुड़ने वाले गलत टैक्स से संबंधित रही। वार्ड-18 के पार्षद बलराम मकौल ने बताया कि आसपास की कॉलोनियों में 500 से भी ज्यादा प्लाटों और मकानों पर शुगर मिल की दो आईडी जुड़ी हैं। उन्होंने इसे ठीक करवाने के लिए सीएम विंडो पर भी दर्खास्त लगाई है।
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आज भी चलेगा कैंप
नगर निगम का यह दो दिवसीय कैंप रविवार को भी जारी रहेगा। एक कैंप पालिका बाजार तो दूसरा कैंप ताऊ देवी लाल कॉम्पलेक्स में लगाया गया। जिसमें एक ओर प्रॉपर्टी आईडी को लिंक-डीलिंक करने का काम चल रहा था तो दूसरी ओर प्रॉपर्टी टैक्स के गलत रिकॉर्ड की शिकायतें दर्ज करवाकर उनके ऑब्जेक्शन लगाने का। इसी बीच कुछ फाइलें एडमिन आईडी से भी सही की गई।
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समस्या का समाधान नहीं हो पाया
वार्ड 18 की मुखीजा कॉलोनी और न्यू मुखीजा कॉलोनी निवासी जितेंद्र, साेनू, सोनू सैनी, कमल, प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि लिंक करवाएं तो प्रॉपर्टी पर करोड़ों रुपये का टैक्स बन जाता है और डी-लिंक करवाएं तो प्रॉपर्टी अवैध बनती है। इस समस्या को लेकर कॉलोनी से काफी लोग आए हैं। हल नहीं हो पाया है। संपत्ति कर की डिटेल में नाम, पता, एरिया आदि सभी जानकारी गलत है। यहां अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। उनकी मांग शुगर मिल की आईडी डी-लिंक कर दोबारा सर्वे कराने की है।
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शुल्क भरने क बाद ब्याज समेत जोड़ा
किशनपुरा निवासी एसके यादव ने बताया कि 2015 में प्रॉपर्टी टैक्स का बकाया करीब 76 हजार रुपये जमा कराया था। अब निगम ने उसे घटाने की बजाय उस पर ब्याज जोड़कर 2.25 लाख रुपये बना भेज दिया है। वह 2020 से इसे ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहा है। कैंप में भी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
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64 हजार भरा फिर बना दिया पौने दो लाख
तहसील कैंप के रामचंद्र ने बताया कि उसने दौ सौ गज के प्लाॅट का विकास शुल्क 60,400 रुपये भर दिया गया था। जिसकी रसीद भी है। निगम ने अब इसे 1.81 लाख बना दिया है। अब इसे ठीक करवाने के लिए चक्कर काट रहा है।
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कभी यहां जाओ कभी वहां
विकास नगर निवासी राजपाल ने बताया कि कैंप की जानकारी मिली थी कि यहां प्रॉपर्टी संबंधित समस्याओं का समाधान होगा। यहां कांउटरों पर कर्मचारी यहां से वहां भेज रहे हैं। किसी को सही जानकारी तक नहीं है। गर्मी में लोगों को सिर्फ परेशान किया जा रहा है।