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Panipat News: औद्योगिक नगरी का बढ़ा कारोबार, जीएसटी के 1545 करोड़ रुपये हुए जमा

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पानीपत। औद्योगिक नगरी का कारोबार साल दर साल बढ़ रहा है। पिछले एक साल में 2022 के मुकाबले वस्तु सेवा कर (जीएसटी) 11 करोड़ रुपये बढ़ा है। मार्च 2023 से एक मार्च 2024 जिले में जीएसटी के 1545 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। 2022 में 1534 करोड़ रुपये जमा हुए थे। 2021 में 1440 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में जमा हुए थे।
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उल्लेखनीय है कि साल दर साल जीएसटी बढ़ रहा है। जिले में आबकारी एवं कराधान विभाग में जिले के 36111 कारोबारियों का पंजीकरण है। इससे आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी उत्साहित भी हैं। विभाग की ओर से उद्यमियों व कारोबारियों का उत्साह बढ़ाने के लिए समय समय पर विभिन्न स्कीम निकाली जाती हैं। जिले के उद्यमियों व व्यापारियों से कर वसूलने के लिए विभाग की ओर से एक ईटीओ व तीन एईटीओ की ड़्यूटी लगाई गई है। ये अपनी टीमों के साथ फील्ड में उतरकर फर्मों की जांच करते हैं। उद्यमियों व व्यापारियों को ऑनलाइन जीएसटी जमा कराने के लिए प्रेरित भी करते हैं। जीएसटी जमा कराने में एक हजार निर्यातक और 8300 फैक्टरियां पंजीकृत हैं। इसके अलावा 1444 होलसेल और रिटेल कारोबारी व 11664 उद्यमी इसमें पंजीकृत हैं। 17 श्रेणियों के कारोबारी व उद्यमी जीएसटी जमा करवा रहे हैं।

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गुरुग्राम के बाद सबसे अधिक टैक्स जमा कराने वाला पानीपत दूसरा जिला

पानीपत टेक्सटाइल नगरी है। विश्व भर में टेक्सटाइल नगरी की धाक है। यहां रिफाइनरी, एनएफएल जैसे बड़े उद्योग हैं। अब यहां 1600 करोड़ रुपये में बिरला ग्रुप पेंट का प्लांट भी लगा रहा है। पानीपत सरकार को सालाना 12 हजार करोड़ रुपये टैक्स देता है। गुरुग्राम लगभग 20 हजार करोड़ रुपये टैक्स के रूप में देता है।
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वर्जन-

डीईटीसी पुनीत शर्मा ने बताया कि विभाग ने उद्यमियों व कारोबारियों को जीएसटी जमा कराने में सहूलियत दी है। जीएसटी ऑनलाइन जमा कराया जा रहा है। जीएसटी जमा करने में विभिन्न प्रकार की स्कीम भी दी जाती है।
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