पानीपत। नाबालिग साली को शादी की नीयत से बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी जीजा को अदालत ने 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी तय किया है। जुर्माना न देने पर दोषी को तीन साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। दो साल तक चली मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह की अदालत ने वीरवार को अपना फैसला सुनाया है। इस फैसले पर पीड़ित परिवार ने अदालत का आभार व्यक्त किया है।
सनौली क्षेत्र के निवासी ने 13 मई 2022 को सनौली पुलिस थाना में दी शिकायत में बताया था कि उसकी बड़ी बेटी की शादी सोनीपत के गांव टोकी निवासी संदीप के साथ हुई थी। वह 12 मई की शाम को काम से घर से बाहर गया था। पीछे से उसका दामाद संदीप घर पर आया और उसकी छोटी बेटी को अपने साथ ले गया। संदीप उसकी बेटी को शादी की नीयत से बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने इस मामले में संदीप पर केस दर्ज कर लिया था। संदीप ने अपने मोबाइल से अपनी पत्नी से बात की तो पुलिस ने उसका नंबर ट्रेस कर लिया था। पुलिस ने पांच जून को गुरुग्राम से संदीप को गिरफ्तार किया।
यहां एक कमरे से नाबालिग लड़की को बरामद किया गया। पुलिस ने स्कूल के रिकॉर्ड के अनुसार लड़की की उम्र जांच की तो 16 साल मिली। पुलिस ने नाबालिग का जिला नागरिक अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया था। जिसमें उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी संदीप को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। दो साल तक चली मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह की अदालत ने दोषी संदीप को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।