पानीपत। थानों-चौकियों में दलाल किस कदर सक्रिय हैं, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने हर तरह के मामले निपटाने के रेट तय कर रखे हैं। लड़ाई झगड़े के मामलों में दलाल 15 से 20 हजार तक ले लेते हैं, जबकि दहेज प्रताड़ना जैसे मामलों में पुलिस के नाम पर 30 से 50 हजार रुपये तक की वसूली करते हैं।
पुलिस अगर किसी मादक पदार्थ, एक्साइज एक्ट, गैंबलिंग एक्ट या शराब पीकर हुड़दंग करने वालों को गिरफ्तार कर थाने लाती है तो उनके परिजन भी साथ-साथ पहुंच जाते हैं और पुलिस से छोड़ने की अपील करते हैं। इस दौरान थाने-चौकियों में पहले से मौजूद दलाल सक्रिय हो जाते हैं। फिर पीड़ितों से पुलिस के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लेते हैं। एसपी ने पत्र में लिखा है कि पुलिस के नाम पर रुपये लेने से पुलिस की छवि धूमिल हो रही है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। थाने व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सूची में दिए गए व्यक्ति को अनावश्यक कार्य के लिए अंदर घुसने न दिया जाए। साथ ही इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति शिकायतकर्ता से पुलिस के नाम पर रुपये लेते हुए मिलता है तो उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।