पानीपत। गढ़ी सिकंदरपुर गांव से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता बिजली मिस्त्री का शव 44 घंटे बाद बृहस्पतिवार को ढिंडार गांव के पास दिल्ली पैरलल नहर में मिला। पुलिस और परिजनों ने गोताखोर की मदद से शव निकाला। पुराना औद्योगिक थाने की पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
गढ़ी सिकंदरपुर गांव निवासी राहुल कुमार ने बताया कि उसके पिता छोटेलाल (50) घर से मंगलवार सुबह साढ़े 11 बजे काम करने के लिए निकले थे, लेकिन वह रात को नहीं लौटे। उन्होंने तलाश की तो उनका फोन गांव के पास से होकर गुजर रही दिल्ली पैरलल नहर के किनारे सड़क पर मिला। फोन के पास ही जूते और बैग भी थे। उन्होंने नहर में गिरने की आशंका पर पुराना औद्योगिक थाने की पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस व परिजन लगातार गोताखोर की मदद की नहर में तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार को सुबह करीब चार बजे ढिंडार गांव के पास नहर में शव दिखाई दिया। उन्होंने गोताखोर की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला। परिजनों उसकी शिनाख्त छोटेलाल के रूप में की।