पानीपत। संयुक्त किसान मोर्चा और कर्मचारी यूनियनों के आह्वान पर शुक्रवार को भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। रोडवेज यूनियनों के हड़ताल पर जाने से नाममात्र की बसें ही चलाई जा सकी हैं, जबकि अधिकारियों ने यात्रियों को पर्याप्त बस सेवा मुहैया कराने का दावा किया है। बिजली कर्मचारी यूनियन पावर हाउस में हड़ताल पर रही। निगम अधिकारियों ने सर्कल स्तर पर कंट्रोल रूम बनाकर बिजली से संबंधित शिकायतों का निपटारा किया। इन सबके चलते रोडवेज बसों का संचालन कम होने से यात्रियों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। जीटी रोड टोल प्लाजा पर दोपहर 12 से तीन बजे तक इक्का-दुक्का बस ही पहुंची। ऐसे में यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। बाजार में भारत बंद का कोई असर नहीं देखा जा सका। हालांकि सुबह के समय बाजार जरूर कुछ सुस्त था।
ट्रेड यूनियनों के प्रस्तावित भारत बंद के समर्थन में रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने शुक्रवार अल सुबह ही पुराने बस स्टैंड पर हड़ताल शुरू कर दी। यहां से बसों को नहीं निकलने दिया गया। अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद बसों को निकाला। रोडवेज यूनियन ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डिपो प्रधान चरण सिंह, अनिल, सुनील चौहान, रामनिवास रावल, रामनिवास ग्रोवर व विकास रावल ने कहा कि यूनियन कर्मचारियों के हितों को लेकर सरकार के सामने उनकी मांगों को रख रही है, लेकिन सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। उनको मजबूर होकर विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि परिचालकों व लिपिकों का वेतनमान 35400 रुपये किया जाए। अर्जित अवकाश में कटौती का पत्र वापस लेकर पहले की तरह अवकाश लागू करें। पुरानी पेंशन बहाली, जोखिम भत्ता देने पर सरकार बिलकुल गंभीर नहीं है। बेड़े में 10 हजार बसों को शामिल किया जाए, ताकि 60 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। 2016 को भर्ती चालकों सहित कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। इस मौके पर रोडवेज नेता सुलतान मलिक, राजेंद्र रोड़, मास्टर राजबीर, नरेंद्र घनघस, जयपाल भालसी, विनोद मलिक, रिटायर कर्मचारी संघ जिला प्रधान बलवान सिंह, पूर्व रोडवेज राज्य नेता रणबीर शर्मा, रिटायर्ड कर्मचारी संगठन के जिला प्रधान महाबीर चंदौली ने भी संबोधित किया।
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जुलूस निकाल जिला सचिवालय पर दिया धरना
पानीपत संयुक्त किसान मोर्चा, राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन, कर्मचारी फेडरेशन के संयुक्त आह्वान पर भारत बंद-हड़ताल को लेकर हजारों की संख्या में जीटी रोड पर जुलूस निकालते हुए जिला लघु सचिवालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तमाम सरकारी विभाग के कर्मचारी हड़ताल कर अपने कार्यालयों के सामने धरने दिए गए। लाल बत्ती से लेकर लघु सचिवालय तक हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी हाथ में झंडा और बैनर लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जुलूस निकाला। जिसके चलते जीटी रोड की करनाल लेन का यातायात बाधित रहा। विरोध प्रदर्शन में सीटू से संबंधित आशा वर्कर, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, पानीपत के टेक्सटाइल मजदूर, क्रैच वर्कर, अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन, हरियाणा किसान सभा, हरियाणा खेत मजदूर यूनियन, , मजदूर संगठन एटक ,भारतीय किसान यूनियन, इंडस्ट्रियल वर्कर यूनियन पानीपत, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा, मजदूर संगठन इंटक आदि के कार्यकर्ताओं ने भारत बंद में हजारों की संख्या में हिस्सेदारी की। सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, खेत मजदूर यूनियन के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप, संयुक्त किसान मोर्चा तालमेल कमेटी के जिला संयोजक जयकरण कादियान, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
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भारत बंद की मुख्य मांगे
-किसान आंदोलन के नाम पर कथित तौर पर किसानों का दमन बंद करने, फसल गारंटी खरीद कानून तुरंत लागू किया जाए,मजदूरों के खिलाफ बनाए गए चार लेबर कोड रद्द करने, सरकारी विभागों को निजीकरण करने की नीतियां वापस लेने, सभी कच्चे कर्मचारियों, स्कीम वर्कर, आशा, मिड डे मील, आंगनवाड़ी, क्रंच वर्कर, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम,ठेकेदारी प्रथा खत्म करो, स्थाई रोजगार का प्रबंध करने, न्यूनतम वेतन 26000 रुपए मासिक करने,कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने,मनरेगा में 200 दिन का काम और रुपए 600 दिहाड़ी लागू करने, किसान मजदूर के कर्ज माफ करने, हिट एंड रन कानून को वापस लेने आदि मांगें शामिल हैं।