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रुपयों के लेन-देन के चलते बार के पूर्व प्रधान के मुंशी की हत्या, रस्सी से हाथ बांधकर नहर में फेंका

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पानीपत। बार एसोसिएशन पानीपत के पूर्व प्रधान सुखबीर शर्मा के मुंशी की हत्या कर दी गई है। शनिवार की रात दिल्ली पैरलल नहर से मुंशी का शव बरामद हुआ। उसके हाथ रस्सी से बंधे थे। बताया जा रहा है कि एक राहगीर ने मुंशी को नहर से बाहर निकाला, उस समय उनकी सांसें चल रही थी। राहगीर ने उनकी डायरी से नंबर लेकर पूर्व प्रधान और उनके दामाद को सूचना दी। साथ ही उन्हें असंध रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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सोनीपत के खेड़ी गुज्जर निवासी बलवान ने बताया कि उसका बड़ा भाई भोपाल सिंह (52) पानीपत में बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सुखबीर शर्मा के पास 25 साल से मुंशी का काम करता था। वह शाम करीब साढ़े चार बजे पानीपत कोर्ट से घर के लिए निकला था, लेकिन रात आठ बजे तक घर नहीं पहुंचा, उन्होंने कॉल किया, लेकिन कोई संपर्क नहीं हो सका। इस बीच एक राहगीर ने रात करीब नौ बजे भोपाल के दामाद सुशील के पास फोन कर भोपाल सिंह के नहर में मिलने की सूचना दी। राहगीर ने बताया कि उनके हाथ रस्सी से बंधे हैं और बेहोशी की हालत में हैं। राहगीर ही उसे सुनील मेमोरियल अस्पताल लेकर गया, जहां पर वह भी पहुंच गए। इलाज के दौरान भोपाल की अस्पताल में मौत हो गई। उन्हें शक है कि उनके भाई की किसी ने हत्या की है। बलवान ने बताया कि भाई का किसी के साथ पैसों का लेन-देन था, जिस बारे में भाई ने उन्हें बताया था। उसने कहा था कि उसे किसी से रुपये लेने हैं, वह छह माह से टाल-मटोल कर रहा है।
खेड़ी गुज्जर निवासी विनोद ने बताया कि वह पानीपत में ही वकीलों के चेंबर में टाइपिस्ट का काम करता है। वह और भोपाल दोनों एक साथ आते-जाते थे। चुनावी काम होने के चलते शनिवार को उसके पास काम ज्यादा था, उसके पास शाम चार बजे भोपाल आया और घर चलने की बात कहने लगा, लेकिन काम ज्यादा होने की वजह से वह नहीं जा सका, इसलिए वह अकेले ही रेलवे स्टेशन के लिए निकल गए।
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दिल्ली पैरलल नहर में पानी कम था, जिस वजह से आस-पास के लोगों को भोपाल दिख गया। इसके बाद उसे बाहर निकाला और उसके हाथ की रस्सी खोली। वह बेसुध थे, जेब की तलाशी ली तो डायरी मिली, जिसमें कुछ नंबर लिखे हुए थे। एक नंबर मिलाया तो वह पूर्व प्रधान के क्लाइंट को लगा। क्लाइंट ने पूर्व प्रधान को कॉल कर सूचना दी। पूर्व प्रधान ने भोपाल के दामाद और परिजनों को बताया। परिजनों का कहना है कि आस पास के लोगों ने भोपाल को अज्ञात युवकों द्वारा नहर में डालते हुए भी देखा था।
भाई बलवान ने बताया कि भोपाल के पांच बच्चे हैं, जिनमें चार बेटी किरण, पिंकी, माफी, सुमन है, जो चारों शादीशुदा हैं। जबकि एक बेटा दीपक है, जो कि सबसे छोटा है और अविवाहित है। भोपाल नौ बहन-भाइयों में तीसरे नंबर पर था।
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वर्जन
भाई की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।
- इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी
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