पानीपत। सिविल कोर्ट में उग्राखेड़ी गांव निवासी एक युवक ने फर्जी दस्तावेज जमा कराकर जमानत ले ली। पेशी पर हाजिर न होने के कारण कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट और जमानती को नोटिस जारी किया। नोटिस पाकर वह कोर्ट पहुंचा और किसी की जमानत न लेने की बात कही तो कोर्ट ने शिनाख्ती को बुलाया। शिनाख्ती ने फर्जी दस्तावेज जमा कराने वाले करनाल के व्यक्ति को पानीपत बुलाया। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर रीडर ने शिनाख्ती और जमानती को पुलिस को सुपुर्द कर दिया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जेएमआईसी प्रथम श्रेणी न्यायाधीश विवेक कुमार के रीडर रामपाल ने बताया कि वर्ष 2018 में उग्राखेड़ी निवासी संदीप एक मामले में कोर्ट में तारीख पर पेश नहीं हुआ। इससे उसकी जमानत रद्द कर दी गई थी। आगामी तारीख के लिए कोर्ट ने संदीप का गिरफ्तारी वारंट और जमानती को नोटिस जारी किया था। 24 मार्च को जमानती के रूप में शुभम अदालत में पेश हुआ। शुभम ने कहा कि उसने किसी की जमानत नहीं ली। रिकॉर्ड जांचा गया तो आधार कार्ड व फोटो अन्य व्यक्ति के मिले। रीडर ने बताया कि जमानती की शिनाख्त करने वाले सौंधापुर गांव पंचायत के मेंबर अजीत सिंह को कोर्ट में बुलाया गया। अजीत ने करनाल के भौजपुर निवासी विशाल को फोन कर कोर्ट बुलाया। जांच में सामने आया कि विशाल ने शुभम के फर्जी दस्तावेज कोर्ट में जमानती के रूप में पेश किए और उन दस्तावेजों की पंचायत मेंबर अजीत ने शिनाख्त की।
दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय में पेश कर दोनों को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। आराेपियों से पूछताछ की जा रही है।
- जाकिर हुसैन, शहर थाना प्रभारी