पानीपत। प्रयागराज में अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार शूटर अरुण मौर्य के चाचा और दादा पानीपत के विकास नगर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि अरुण मौर्य सात दिन पहले ही उन्हें दिल्ली में एक दोस्त की शादी में जाने की बात कहकर घर से चला गया था। पिछले रविवार से उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा था। शनिवार रात अचानक उन्हें पता चला कि मौर्य ने हत्या की हैं।
एनएनएफ के विकास नगर में रहने वाले चाचा सुनील ने बताया कि वह अपने पिता मथुरा प्रसाद के साथ पानीपत में रहता है, जबकि उसका बड़ा भाई दीपक भी अपनी पत्नी केला और बड़े बेटे अरुण मौर्य व छोटे बेटे अनिकेत के साथ पानीपत में रहता था। आठ साल पहले वह पानीपत से कासगंज के कादरवाड़ी गांव में जाकर रहने लगे थे और वहीं पर खेतीबाड़ी करते हैं। दीपक का बड़ा बेटा साढ़े 17 वर्षीय अरुण मौर्य पानीपत में उनके पास ही रहता था। करीब एक साल से उसका यूपी में आना-जाना लगा रहता था। वह कुटानी रोड स्थित एक फैक्टरी में स्टीचिंग की मशीन चलाता था। पानीपत में अरुण मौर्य पर लड़ाई झगड़े और देशी कट्टा पकड़ने के मामले दर्ज हैं।
सुनील ने बताया कि पिछले शनिवार को वह पैतृक गांव कादरवाड़ी चला गया था। पिछले रविवार को अरुण घर पर दिल्ली में दोस्त की शादी में जाने की बात कहकर चला गया था। वह अपने साथ कपड़े नहीं ले गया था। उन्होंने फोन किया तो उसका नंबर बंद मिला। वह शुक्रवार को गांव से लौटकर पानीपत आ गया। शनिवार रात सूचना मिली कि उसके भतीजे अरुण ने दो दोस्तों के साथ मिलकर अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी।
सुनील ने बताया कि हत्याकांड के बाद पानीपत पुलिस ने उनके घर आकर पूछताछ की। इसमें उनका कोई हाथ नहीं है। वह कितने दिन से हत्या की प्लानिंग कर रहा था, इस संबंध में उसे कुछ नहीं पता है। वह भतीजे के इस कदम को गलत ठहराते है, उसको सजा मिलनी चाहिए।
दादा मथुरा प्रसाद बताते है कि पोता अरुण उनके साथ रहता था, वह इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे जाएगा। उसने कभी ऐसा सोचा भी नहीं था। वह कब आरोपियों के संपर्क में आया, कब हथियार लिए, इस बारे में उन्हें कुछ नहीं पता।