पानीपत। तहसील कैंप मोड़ स्थित सत्यम शिवम सुंदरम कार्यालय का बोर्ड उतारते समय कलाकर की हाईटेंशन तारों का करंट लगने से मौत हो गई। हादसा रविवार सुबह करीब 11 बजे हुआ। आरोप है कि जागरण पार्टी संचालक ने दो घंटे बाद परिवार के पास फोन किया और दौरा पड़ने से कलाकार की मौत होने का कारण बताया। जबकि शरीर पर करंट के निशान देख डॉक्टर ने कलाकार की मौत का कारण करंट बताया। इस खुलासे के बाद परिवार ने संचालक पर गुमराह करने का आरोप लगाया और मामले की सूचना पुलिस को दी। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। वह ऐसे ही शव को वापस घर ले गए है।
वार्ड 11 रानी महल कॉलोनी निवासी विमल ने बताया कि उसका छोटा भाई धीरज(35) जागरण में शिव शंकर का स्वरूप बनता था। वह सत्यम शिवम सुंदरम जागरण पार्टी के संचालक सोनू के साथ काम करता था। वह शनिवार को पार्टी के साथ एक जागरण में जाने की बात कहकर घर से निकला था। रविवार सुबह 11 बजे हुआ। उन्हें संचालक सोनू ने दो घंटे बाद फोन कर कहा कि वह कार्यालय पर लगे पार्टी के बोर्ड को उतार रहे थे, इसी बीच धीरज को दौरा पड़ गया और उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर वह सामान्य अस्पताल पहुंचे। जहां पर डॉक्टर से उन्होंने मौत का कारण पूछा तो डॉक्टर ने मौत का कारण करंट बताया। उन्होंने धीरज का शव देखा तो उसके हाथ झुलसे मिले। उन्होंने कार्यालय में जाकर देखा तो कार्यालय के सामने से हाईटेंशन की तारे गुजर रही है, तार और कार्यालय में महज दो फीट की दूरी है। बोर्ड उतारते समय वह तारों से टकराया, जिस वजह बोर्ड के लोहे के एंगल में करंट आया और धीरज की मौत हो गई।
तहसील कैंप निवासी सोनू ने बताया कि उसका तहसील कैंप मोड पर ढाबे के ऊपर पहली मंजिल पर सत्यम शिवम सुंदरम जागरण पार्टी के नाम से ऑफिस था। जिसको अब वह खाली कर रहे थे। पिछले रविवार को उन्होंने कुछ सामान ऑफिस से निकाल लिया था, बाकि बचा सामान वह इस रविवार को निकाल रहे थे। वह नीचे था, जबकि धीरज व तीन अन्य साथी ऊपर बोर्ड उतार रहे थे। इसी बीच आवाज आई कि धीरज को दौरा पड़ गया। वह उसे सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया।
सोनू ने बताया कि शनिवार रात उन्होंने सेक्टर 11 में जागरण किया था। धीरज शिव भगवान और वह श्रीकृष्ण भगवान का स्वरूप बने थे। धीरज अविवाहित था। सात बहन भाइयों में वह सबसे छोटा था। उसके पिता मोहनलाल का स्वर्गवास हो चुका है।