पानीपत। दो दिन रहे सरकारी अवकाश के कारण बुधवार को प्रदूषण स्तर में काफी सुधार हुआ है। बुधवार को सोमवार और मंगलवार की अपेक्षा एक्यूआई आधा रहा। बुधवार को अधिकतम एक्यूआई 280 व न्यूनतम 154 दर्ज किया गया। हालांकि यह स्तर भी स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
ग्रैप के तीसरे चरण में बुधवार और बृहस्पतिवार को कोयला संचालित उद्योगों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए बृहस्पतिवार को भी इसराना, बापौली व समालखा में कोयला संचालित उद्योग बंद रहेंगे। बृहस्पतिवार को उद्योगों की जांच करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें फील्ड में उतरेंगी। इस साल एक अक्तूबर से एक्यूआई दो बार रेड जोन में, पांच बार ऑरेंज जोन में , दो बार ग्रीन जोन में व 22 दिन येलो जोन में रहा है। जबकि पिछले साल पूरे अक्तूबर माह में एक्यूआई रेड व ऑरेंज जोन में रहा था।
ग्रैप को सख्ती से लागू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन सभी क्षेत्रीय अधिकारियों, नगर निगम अधिकारियों, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दे चुके हैं। हाईवे पर पानी के छिड़काव के लिए एनएचएआई, स्टेट हाईवे पर पीडब्ल्यूडी व शह की सड़कों पर छिड़काव के लिए नगर निगम को निर्देश दे चुके हैं। बोर्ड की ओर से इन तीनों विभागों को पत्र भी लिखा गया है। 100 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले दो दिन से तापमान में दो- चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। हवा का दबाव बढ़ रहा है। सड़कों पर धूल उड़ रही है। जाम की स्थिति है। इसलिए एक्यूआई बढ़ रहा है।