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Panipat News: अंसल और टीडीआई के लोग पहुंचे मंत्री दरबार

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पानीपत। अंसल बचाओ संघर्ष समिति और टीडीआई के लोग मूलभूत सुविधाओं और बिजली समस्या के समाधान को लेकर कंपनी के खिलाफ जिला कष्ट निवारण समिति में पहुंच गए हैं। यहां शिक्षा मंत्री के सामने समस्या रखी जाएगी। समिति ने नगर निगम आयुक्त और बिजली निगम अधिकारियों से इसमें जवाब मांगा है। अंसलवासियों की इसको नगर निगम में भी शामिल करने की मांग रखी जाएगी। इसके साथ टीडीआई के लोग भी बिजली पानी की मांग को लेकर मंत्री के दरबार में पहुंचेंगे। इस तरह से अधिकारियों के साथ प्राइवेट बिल्डर को घेरने की तैयारी है। वहीं मंत्री के सामने पटल पर 18 शिकायतों का रखा जाएगा। इनमें तीन पिछली बैठक की लंबित और 15 नई शिकायतें होंगी।
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सांसद के माध्यम से दी शिकायत पर आज हो सकता है फैसला
मनाना गांव निवासी रीना ने सांसद संजय भाटिया के माध्यम अपनी शिकायत दी है। उनकी शिकायत पिछली बैठक की लंंबित है। उनका आरोप है कि थाना शहर पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं है। वह न्याय के लिए लगातार चक्कर काट रही है।

अंसलवासियों ने सीएम के आश्वासन के बाद संघर्ष जारी
अंसल बचाओ संघर्ष समिति की शिकायत को चाैथे नंबर पर रखा है। समिति ने कहा कि टाउनशिप में दस हजार निवासी पिछले कई वर्षों से बिजली की गंभीर समस्या से जुझ रहे हैं। जिला नगर एवं योजनाकार विभाग ने कंपनी को 2005 में लाइसेंस दिया था। आज 18 साल बीत जाने के बाद भी कंपनी ने काम पूरे नहीं किए। विभाग से कंपलीशन सर्टिफिकेट तक नहीं लिया। अंसल सुशांत सिटी सेक्टर-19 में स्थानांतरित नहीं किया। 11केवी फीडर से बिजली दी जा रही है। इससे बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाती। 10 से 12 घंटे के बिजली कट लगते हैं। अंसलवासी 11केवी का अलग से फीडर लगाने के लिए पूरी लागत देने को तैयार हैं। अंसल टाउनशिप के लिए 33केवी का सब स्टेशन एचएसवीपी को बनवाना है। इसके लिए 142 करोड़ रुपये पहले से ही जमा हैं। अंसल को नगर निगम में शामिल कराने की भी मांग रहेगी। वहीं टीडीआई निवासियों ने भी कंपनी पर पैसे लेकर मूलभूत सुविधा न देने के आरोप लगाए हैं। यहां बिजली, सड़क, सुरक्षा, सफाई व पानी तक ही सुविधा नहीं है।
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एनएच 709 एडी का मामला समिति में पहुंचा
पानीपत से बिजनौर नेशनल हाईवे 709 डी का मामला भी समिति में पहुंच गया है। सिवाह गांव निवासी ओमप्रकाश, राजेंद्र व अन्य ने बताया कि सिवाह गांव से नेशनल हाईवे निकाला गया है। उन्होंने 2019 में इसका मुआवजा प्राप्त कर लिया है, लेकिन आज तक इंतकाल नहीं हुए है। उन्होंने इसके इंतकाल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि डाडोला, छाजपुर, व कुराड़ में इंतकाल पहले हो चुके हैं। वहीं सेक्टर-6 आरडब्ल्यूए के प्रधान धर्मबीर नरवाल ने कई मकानों में तारबंदी तोड़कर कब्जा करने के आरोप लगाए हैं।


समिति के फैसले के बाद रिफाइनरी ने नहीं लगाई गाड़ी
बाल जाटान गांव निवासी दिनेश कौशिक ने शिकायत में आरोप लगाया कि समिति ने पिछली बैठक में रिफाइनरी को उनकी गाड़ी लगाने के आदेश दिए थे। कंपनी ने गाड़ी सीधे लगाने की बजाय ठेकेदार के माध्यम दो साल के लिए लगाई है। यह समिति अध्यक्ष के आदेशों की अवहेलना है।
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वर्जन :
सभी अधिकारियों को बैठक का एजेंडा पहले ही भेजा जा चुका है। वे शिकायतों का जवाब लेकर आएंगे। यहां शिकायकतों का मौके पर ही समाधान का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. वीरेंद्र दहिया, उपायुक्त।
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